मुजफ्फरनगर। कूकड़ा मंडी समिति बिजलीघर से आपूर्ति बहाल होते ही लापरवाही की जांच शुरू हो गई है। मुख्य अभियंता पवन अग्रवाल ने शुरुआती जांच के बाद जेई अनंगपाल को निलंबित कर दिया है। एक ट्रांसफार्मर पर अधिक भार डालने को जेई के निलंबन की वजह माना गया है। मेरठ एमडी कार्यालय से पूरे प्रकरण की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है।
मंडी समिति बिजलीघर के दोनों ट्रांसफार्मर फुंकने के बाद शहर के 12 हजार से अधिक लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। तीन दिन तक व्यवस्था बेपटरी रही। लोगों ने बिजलीघर पर हंगामा किया। कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल के आवास का घेराव भी किया था। सांसद हरेंद्र मलिक और मंत्री कपिल देव अग्रवाल को रात के समय बिजलीघर पर पहुंचना पड़ा था।
विभाग ने बृहस्पतिवार देर रात विद्युत आपूर्ति शुरू करा दी है। वहीं मुख्य अभियंता ने कंट्रोल रूम की जिम्मेदारी संभालने वाले जेई अनंगपाल को निलंबित कर दिया है। एक ट्रांसफार्मर फुंकने के बाद दूसरे पर गलत तरीके से आपूर्ति का भार डालने की जांच चल रही है। मेरठ के एमडी कार्यालय से पूरे प्रकरण की जांच के लिए एसई वर्कशॉप समेत तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है।
ये था मामला
कूकड़ा मंडी बिजलीघर में फाल्ट से शनिवार को 10 एमवीए का ट्रांसफार्मर फुंक गया था। मंगलवार को फॉल्ट के चलते दूसरा ट्रांसफार्मर भी फुंक गया, जिससे बिजलीघर से आपूर्ति पूरी तरह बंद हो गई। कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने लखनऊ में ही बिजली विभाग के अधिकारियों से बात कर व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे। दोनों ट्रांसफार्मर लगने और आपूर्ति बहाल होने में तीन दिन लग गए, जिससे लोगों ने हंगामा किया था।
लखनऊ तक गूंजी थीं जनसमस्या
शहर की नई मंडी, पटेलनगर, गांधीनगर, भरतिया काॅलोनी, जानसठ रोड के करीब 12 हजार से अधिक उपभोक्ता बिजली गुल रहने से प्रभावित हुए थे। लोगों की समस्या की गूंज लखनऊ तक हुई थी।