संत ज्ञानसागर के परलोक गमन से शोक में डूबा जैन समाज
बुढ़ाना। संत श्री श्री 108 ज्ञान सागर महाराज के परलोक गमन होने पर जैन समाज शोक में डूबा हुआ है। जैन समाज के लोगों ने प्रतिष्ठान बंद रखकर शोक जताया। सत्य की लौ जगाते हुए अहिंसा के दीपक को जगमग करने वाले युग प्रणेता आचार्य श्री 108 ज्ञानसागर महाराज के परलोक गमन की सूचना से कस्बा व देहात के श्रद्धालुओं में शोक की लहर दौड़ गई। उन्होंने कुरीतियों पर प्रहार कर सत्य और अहिंसा का संदेश जन-जन तक पहुंचाया। कस्बे के लाला महेश जैन ने बताया कि आचार्य श्री 108 ज्ञानसागर जी महाराज राजस्थान के बारां में प्रवास कर रहे थे। मुनि श्री शाम पांच बजे प्रवचन कर अपने कक्ष में पधारे। शाम करीब छह बजे आरती इत्यादि कार्यक्रम के लिए श्रावक उनसे आग्रह करने गए तो वहां अचेतन अवस्था में पाए गए। इस घटना की सूचना से कस्बा व देहात क्षेत्र के जैन समाज व उनके श्रद्धालुओं में शोक की लहर दौड़ गई। उनके श्रद्धालुओं ने इसे देश की अपूरणीय क्षति बताया। उनके अनुयायी के लोग महाराज श्री के अंतिम दर्शन करने के लिए रविवार को देर रात में ही राजस्थान के लिए रवाना हो गए। सभी श्रद्धालु उनकी डोल यात्रा में शामिल होंगे। इस दुखद घटना से जैैन समाज के लोगों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे।