- एक जिला, एक उत्पाद योजना के तहत प्रसंस्करण, पैकेजिंग एवं टेस्टिंग फैसिलिटी सेंटर की स्थापना होगी
- 5.10 करोड़ रुपये है लागत, शासन ने जारी किए 1.83 करोड़
- 20 महीने से लटकी थी महत्वाकांक्षी योजना शासन की फाइलों में
संवाद न्यूज एजेंसी
चरथावल (मुजफ्फरनगर)। आने वाले दिनों में जिले के बधाई कलां गांव में जैविक विधि से तैयार गुड़ और शक्कर की देश-दुनिया में पहचान होगी। एक जिला, एक उत्पाद योजना के तहत आधुनिक तकनीक युक्त प्रसंस्करण, पैकेजिंग एवं टेस्टिंग फैसिलिटी सेंटर की स्थापना के लिए शासन ने 1.83 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी है। 20 माह से यह महत्वाकांक्षी योजना फाइलों में अटकी थी।
जून 2021 में बधाई कलां में 5.10 करोड़ की लागत से यूनिट लगाने को हरी झंडी मिली थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसका वर्चुअल शिलान्यास किया था। पंजीकृत कंपनी के 126 सदस्यों ने मंजूर बजट की 10 फीसदी राशि 51 लाख रुपये जमा कर दी थी। मगर, शासन ने आपत्ति लगाकर अभिलेखों में कमियां दर्शा दी थी। 20 महीने बाद आपत्तियों का निस्तारण हो सका। शासन ने अब पहली किस्त जारी की है।
दस फीसदी कंपनी और 90 फीसदी सब्सिडी देगी सरकार
बधाई एग्री बिजनेस प्रोड्यूसर कंपनी को यूनिट लगाने का जिम्मा है। चेयरमैन अरविंद मलिक ने बताया साढ़े चार बीघा भूमि दी गई है। योजना की पूरी लागत पर 90 फीसदी शासन सब्सिी देगा और 10 प्रतिशत अंश कंपनी का रहेगा। मामूली शुल्क किसानों के उत्पादों की पैकेजिंग की सुविधा मिलेगी। शासन से पहली किस्त खाते में आ गई है। पहले भवन बनेगा। उसमें एक लैब, दो कमरे और एक हॉल प्रस्तावित है। बाद में मशीनरी आएगी।
जांच भी होगी और प्रशिक्षण भी मिलेगा
किसानों को बहुपयोगी प्रोजेक्ट के तैयार होने की आस जगी है। उन्हें दूरस्थ प्रांतों में माल बेचने में आसानी होगी। जैविक विधि से बने गुड़ और शक्कर की लैब में जांच परख के बाद पैकेजिंग होगी। युवा किसानों को तकनीकी खेती के प्रशिक्षण की सुविधा का लाभ होगा। किसान सचिन मलिक, दिनेश त्यागी, कुबेर दत्त, सोनू सैनी कहते है कि क्षेत्र में यूनिट के लगने से विकास के नए आयाम स्थापित होंगे। गन्ना बेल्ट के किसानों को प्रगति की राह दिखाएगी।
किसानों में आएगी आत्म निर्भरता
बधाई कलां में जिले का पहली यूनिट के बनने से किसानों में आत्म निर्भरता बढ़ेगी। किसी भी प्रांत में ब्रांडेड माल बेचने में दिक्कत नहीं आएगी। एक सप्ताह के बाद निर्माण कंपनी की ओर से प्लांट के भवन निर्माण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। करीब छह महीने में काम पूरा हो जाएगा। - परम हंस मौर्य, उपायुक्त, जिला उद्योग एवं प्रोत्साहन केंद्र