शुकतीर्थ में गंगा के जलस्तर का निरीक्षण करने पहुंचे सिंचाई विभाग के अधिकारी
- कहा, गंगा में जल छोड़ना अभी संभव नहीं, निकालेंगे दूसरा रास्ता
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संवाद न्यूज एजेंसी
मोरना। सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता ज्ञानप्रकाश श्रीवास्तव ने टीम के साथ शुकतीर्थ में बाणगंगा का जलस्तर देखा। उन्होंने बताया कि रुड़की धनोरी से सोलानी नदी में 200 क्यूसेक गंगा का जल निरंतर छोड़ा जा रहा है। फिलहाल गंगा में अतिरिक्त जल छोड़ना संभव नहीं है। मामले का समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
शुकतीर्थ में बह रही बाण गंगा में महीनों से जलस्तर घटने की समस्या बनी हुई है। जिसको लेकर दूरदराज से आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। मेरठ से सिंचाई विभाग के उच्चाधिकारियों ने शुकतीर्थ पहुंचकर गंगा के जलस्तर का निरीक्षण किया। गंगा घाट पर पहुंचे सिंचाई विभाग गंगा मेरठ के मुख्य अभियंता ज्ञानप्रकाश श्रीवास्तव, अधिशासी अभियंता प्रमोद कुमार, सहायक अभियंता विरेंद्र कुमार पांडेय, अवर अभियंता संजीव मलिक ने गंगा में जलस्तर का निरीक्षण किया।
श्री गंगा सेवा समिति के उपाध्यक्ष अरुण गर्ग, महामंत्री महकार सिंह, प्रेमशंकर मिश्रा, प्रबंधक देवेंद्र आर्य, सुरेंद्र सिंह आदि ने अधिकारियों को बताया कि गंगा का जलस्तर के घटने से दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। जिसको देखते हुए गंगा का जलस्तर बढाया जाना अति आवश्यक है। वहीं, गंगा घाट पर नमामि गंगे की ओर से डाले गए बैग को निकालकर स्नान करने की व्यवस्था की जा सकती है।