फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Muzaffarnagar News: डेढ़ साल बाद भी पूरी नहीं हुई ट्रैक्टरों को एनओसी देने की जांच

विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर। हरियाणा व पंजाब व अन्य प्रदेशों से एनओसी लाकर परिवहन विभाग में रजिस्ट्रेशन कराने के मामले में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया हैं। डेढ़ वर्ष से चल रही जांच में भी अधिकारी अभी पूरी तरह से स्पष्ट नहीं कर पाए हैं। पांच दर्जन ट्रैक्टरों की मूल पत्रावली विभागीय कार्यालय से गायब बताई जा रही हैं।
यूं किया जा रहा फर्जीवाड़ा
पड़ोसी राज्यों व विभिन्न जनपदों से एनओसी लाकर वहां से ट्रैक्टरों के कागजात यहां एआरटीओ कार्यालय में जमा कराए जाते है ताकि ट्रैक्टर का नया नंबर मिल सके। इसके लिए एनओसी लाने वाला व्यक्ति अपने नाम के आधार कार्ड व अन्य दस्तावेज भी जमा कराता है। यह फाइल विभागीय कार्यालय में जमा करा दी जाती है।
विज्ञापन

जमा कराई थी तीन सौ फाइल
सूत्र बताते है कि वर्ष 2021 में हरियाणा-पंजाब व अन्य प्रदेशों से लगभग साढे़ तीन सौ ट्रैक्टरों की फाइल मुजफ्फरनगर परिवहन विभाग कार्यालय में जमा कराई थी। इनमें से काफी फाइलें विभागीय कार्यालय से गायब होने का आरोप लगाते हुए किसी अनजान व्यक्ति ने बिना नाम से वर्ष 2021 में शासन व परिवहन विभाग मुख्यालय से शिकायत की गई थी तब से इस मामले में जांच शुरू कराई गई जो अभी तक लंबित है।
अधूरी जांच
बताया गया कि मुख्यालय से शिकायत के बाद सहारनपुर आरटीओ देवमणी भारती के नेतृत्व में एक टीम जांच के लिए बनाई थी। यह जांच वर्ष 2021 से की जा रही है लेकिन अभी तक पूरी नहीं हुई।
अभी नहीं मिली पांच दर्जन फाइलें
तीन सौ मामलों की जांच शुरू की गई थी। इनमें काफी फाइलें अभी जांच टीम को नहीं मिली है। यदि विभागीय सूत्रों की माने तो पांच दर्जन फाइलें ऐसी है जो अभी मिल नहीं पाई है। इससे विभाग में बड़ा फर्जीवाड़ा होने का संकेत मिल रहा है।
विभागीय कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध
विभागीय कार्यालय से फाइल गायब होना बड़ी लापरवाही है। इसमें विभागीय कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध होने का सवाल उठ रहा हैं। सवाल है कि आखिरकार फाइलें गायब कैसे हो गई। सूत्र तो यह भी बताते है कि बाबूओं व एजेंटों की मिलीभगत से यह सब फर्जीवाड़ा किया गया है।
विज्ञापन

इन्होंने कहा
तीन सौ फाइलें गायब होने की जांच की जा रही है। काफी फाइलें मिल गई हैं। लेकिन एक दर्जन फाइलें ऐसी है जो अभी मिली नहीं है। पूरे मामले की जांच अभी चल रही है- विश्वजीत प्रताप सिंह, एआरटीओ मुजफ्फरनगर।
पूरे मामले की जांच अभी चल रही है। टीम ने अभी अपनी रिपोर्ट नहीं बनाई हैं - देवमणी भारती, आरटीओ सहारनपुर।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें