संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। एक अक्तूबर को मेरठ स्थित सुभारती यूनिवर्सिटी में अंतरराष्ट्रीय जाट संसद का आयोजन किया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय जाट संसद के संयोजक रामावतार पलसानियां ने कहा इसका उद्देश्य कला, शिक्षा, साहित्य, संस्कृति रोजगार सृजन व गौरवशाली जाट इतिहास को जन-जन तक पहुंचाना है।
श्रीराम कॉलेज में पत्रकारों को रामावतार पलसानियां और परमेश्वर कलवानियां ने बताया कि समाज को फिर से एकजुट होकर अपनी एकता की ताकत दिखानी होगी। अब जाट समाज में भी शिक्षा और रोजगार से संपन्न लोग है। जाट समाज को भाईचारा मजबूत करने, नशामुक्त समाज, बालिका शिक्षा आदि पर जोर देना होगा। बड़ी संख्या में जाट समाज के प्रबुद्ध लोग इस अधिवेशन में भाग लेंगे।
उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक आयोजन में जाट प्रतिभाओं का सम्मान होगा। शिक्षा, समाज सेवा, सैन्य सेवा, प्रशासन, वाणिज्य, खेल, विज्ञान, पत्रकारिता, चिकित्सा सहित विशिष्ट क्षेत्रों में समाज का नाम रोशन करने वाली विशिष्ट प्रतिभाओं का सम्मान होगा। इस दौरान अखिल भारतीय जाट महासभा के राष्ट्रीय सचिव सुभाष चौधरी, अशोक बालियान, डॉ विवेक बालियान, चांदवीर सिंह, जिला पंचायत सदस्य विजय चौधरी, पूर्व सदस्य डॉ राजमोहन, सत्यव्रत बालियान,अंकित बालियान, अनुज बालियान उपस्थिति रहे।
अधिवेशन में पहुंचने का किया आह्वान
अंतरराष्ट्रीय जाट संसद की तैयारियों के लिए बैठक आयोजित की गई। इसमें समाज के बुद्धिजीवियों ने प्रतिभाग किया। संयोजक रामावतार पलसानियां ने समाज के लोगों से एक अक्तूबर को मेरठ स्थित सुभारति यूनिवर्सिटी में होने वाले अधिवेशन में पहुंचने का आह्वान किया। कार्यक्रम कीं अध्यक्षता चौधरी दल सिहं वर्मा ने की। इस मौके पर अशोक बालियान, कपिल मलिक, अरुण पूनिया, शक्ति मलिक, राजू अहलावत, अमित राठी, हरीश अहलावत, चांदवीर फौजी, विजय दुलैरा, सतपाल मान, कार्तिक, पप्पू ठेकेदार, अंजू, अंकित बालियान, राजमोहन, नरेंद्र प्रमुख, प्रवेंद्र दहिया उपस्थिति रहे।