रोइंग में शामली के खिलाडी ने जीता रजत पदक, गांव में छाई खुशी
19वें एशियाई खेलों में कंजरहेड़ी के खिलाड़ी आशीष कुमार ने नौकायन की टीम स्पर्धा में रजत पदक जीता। उनकी कामयाबी पर गांव में जश्न का माहौल है। किसान पिता कहते हैं कि बेटे ने चांदी जीत ली है, अब उससे स्वर्ण की उम्मीद है।
कंजरहेड़ी गांव के खिलाड़ी लगातार अपनी पहचान बनाए हुए हैं। अब इसी गांव के रोइंग खिलाड़ी आशीष कुमार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन कर दिखाया है। गांव के बेटे ने नौकायान की टीम स्पर्धा पुरुष-8 में रजत पदक जीतने में कामयाबी हासिल की। सोमवार को भी आशीष ने दूसरी स्पर्धा में भाग लिया और रजत पदक जीता। आशीष की कामयाबी पर गांव में जश्न का माहौल है। आशीष के पदक जीतने की जानकारी मिलने पर ग्रामीणों का परिजनों को बधाई देने का सिलसिला शुरू हो गया है। पिता बालेंद्र सिंह का कहना है कि अब उसने चांदी जीती है अब बेटे से स्वर्ण पदक जीतने की उम्मीद है।
सेना में हवलदार है आशीष
पिता बालेंद्र सिंह ने बताया कि आशीष 2019 में सेना में हवलदार के पद पर भर्ती हुआ था। सेना की ओर से खेलने का मौका मिला, इसके बाद उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा और एक के बाद एक पदक जीते।
नीतीश के पदक जीतने पर मवीखुर्द में मनाई खुशी, मिठाई बांटी
चीन के हांगझोऊ में चल रहे एशियन गेम्स में भारत की रोइंग टीम ने रजत पदक जीता। इसमें बागपत जिले के मवीखुर्द गांव के रहने वाले सेना के जवान नीतीश कुमार उर्फ नीतीश उज्ज्वल भी शामिल रहे। नीतीश के पदक जीतने की खुशी में मवीखुर्द गांव में मिठाई बांटकर खुशी का इजहार किया।
भारत की रोइंग टीम ने रजत पदक जीतकर देश को एशियन गेम्स में एक ओर पदक दिलाया है। भारत की रोइंग टीम में मवीखुर्द गांव केे रहने वाले सेना के जवान नीतीश उज्ज्वल ने शामिल रहकर अच्छा प्रदर्शन किया। मवीखुर्द के ग्रामीणों ने टीवी पर भारत की रोइंग टीम का शानदार प्रदर्शन देखा। जिनके पदक जीतने पर गांव में खुशी का माहौल बन गया और परिजनों ने मिठाई बांटकर खुशी का इजहार किया।
पिता भी सेना में सूबेदार रहे तो पत्नी यूपी पुलिस में कांस्टेबल
नीतीश के पिता गुलबीर सेना में सूबेदार रहे हैं, जो कुछ साल पहले ही सेवानिवृत्त हुए हैं। नीतीश का बड़ा भाई मनीष खेतीबाड़ी करता है और नीतीश की पत्नी निधि यूपी पुलिस में रामपुर में कांस्टेबल है। मां सुनीता देवी है और बहन सारिका उज्ज्वल असिस्टेंट प्रोफेसर है।