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Muzaffarnagar News: उन दिनों तिरंगा लेकर गलियों में निकलते थे लोग, आज मोबाइल से मना रहे जश्न

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संवाद न्यूज एजेंसी
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खतौली। पहले गणतंत्र दिवस के कार्यक्रमों में अधिक भीड़ रहती थी, लेकिन अब मोबाइल पर अधिक सेलिब्रेट किया जा रहा है। प्रत्येक उम्र के लोगों के बीच उत्साह देखने को मिलता था। युवा हाथों में तिरंगा लेकर गलियों के चक्कर लगाते थे।
सिरघन निवासी बुजुर्ग फूलवती का कहना है कि आजादी के बाद गणतंत्र दिवस मनाने के लिए युवा, बच्चे, बुजुर्ग घरों से निकलते थे। एक साथ मिलकर देशभक्ति के गीत गाते थे। पूरा वातावरण देश भक्ति के गीतों से गुजाएमान हो जाता था। वर्तमान में सोशल मीडिया पर ही अधिक जोर है, लोग कार्यक्रमों में कम शिरकत कर रहे हैं।
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अशोक विहार निवासी भुंडिया सिंह का कहना है कि आजादी के उत्सव का अपना ही एक अहसास हुआ करता था। वर्तमान में युवाओं को अधिक से अधिक भागीदारी करनी चाहिए। युवा ही राष्ट्र और समाज की ताकत होते हैं।
मोहल्ला मिट्ठूलाल निवासी अब्दुल गनी का कहना है कि पहले गणतंत्र दिवस मनाने व खुशी का इजहार करने के लिए इतने संसाधन नहीं हुआ करते थे। वर्तमान समय में आधुनिकता के चलते सब चीज आसान है। तिरंगा ध्वज भी बाजारों में उपलब्ध हो जाता है पहले हाथ से बनाया जाता था। अब सरकार भी सभी त्योहारों को मनाने के लिए उत्साहवर्धन कर रही है।
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आवास विकास निवासी नीलम गुप्ता का कहना है कि जब छोटे से तब गणतंत्र दिवस के दिन हाथों में झंडा लेकर पूरे गांव का चक्कर लगाते थे। वह समय और अंदाज ही अलग था। हर कोई इसे त्योहार के रूप में मनाता था। सुबह जल्दी उठते थे। हवन पूजन के साथ अपने देश और जनता के लिए प्रार्थना की जाती थी। मगर, अब धीरे-धीर गांवों में भी यह परंपरा समाप्त हो रही है।
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