खतौली में भाकियू ने तहसील में दिया धरना
खतौली। भाकियू कार्यकर्ताओं ने सोमवार को तहसील पहुंचकर किसानों की मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने बीच अधिकारियों को भी बैठाया। भाकियू कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्या का समाधान न किया गया तो वह अनिश्चित कालीन धरना देंगे। भाकियू कार्यकर्ताओं ने एसडीएम को ज्ञापन दिया। अधिकारियों ने सात दिनों में समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। जिसके बाद धरना समाप्त हो गया।
भाकियू युवा जिलाध्यक्ष कपिल सोम के आह्वान पर सोमवार को भाकियू कार्यकर्ता तहसील पहुंचे। धरना स्थल पर रागिनी का कार्यक्रम रखा गया। सुबह 11 बजे धरना शुरू किया गया जो शाम तक चला। धरने पर एसडीएम, तहसीलदार, ईएक्सएन, इंस्पेक्टर को भी बैठाया गया। कपिल सोम ने कहा कि किसान परेशान हैं, बिजली विभाग के कर्मचारी घरों में घुसकर गलत बिल बना रहे हैं। ट्यूबवेलों के भी लोड बेवजह बढ़ाया जा रहा है। किसानों पर झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि खतौली गंगनहर से खलासी के माध्यम से काली नदी में गंगनहर का पानी डाला जात है, जो कई वर्षों से गंगनहर पर चलसीना फुलत मार्ग पर डेम व पुल निर्माण का कार्य बंद पड़ा है। जिस कारण दर्जनों गांवों के किसानों को आना जाना दुर्भर हो गया है। काली नदी में प्रदूषित पानी होने के कारण लोग कैंसर की बीमारी की चपेट में आ रहे है।
भाकियू जिलाध्यक्ष योगेेश शर्मा ने कहा कि यदि विभागों में भ्रष्टाचार बंद नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने हाईवे सहित खतौली-बुढ़ाना मार्ग पर बने गहरे गड्ढों को भरवाने की मांग की। भाकियू कार्यकर्ताओं ने एसडीएम जीत सिंह राय को आठ सूत्री ज्ञापन सौंपा। तहसीलदार आरती यादव, बिजली विभाग के ईएक्सएन सोनम सिंह, पीडब्लूडी के एई पीके सेक्सना से बात की। जिसमें निर्णय लिया गया कि सात दिनों में किसानों की समस्या का समाधान कराया जाएगा। जिसके बाद धरना समाप्त हो गया। धरने में अशोक घटायन, चांदवीर फौजी, अंकुर मुखिया, प्रमोद अहलावत, मनोज बालियान, सतेंद्र पुण्डीर, सौबीर गुर्जर, विदेश मोतला, जुल्फिकार उर्फ छोटा, फराद, सुमित, मनोज, टीटू प्रधान, मनीष चौधरी आदि मौजूद रहे।