मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर दंगे के दौरान शहीद चौक पर भड़काऊ भाषण देने के मामले में आरोपियों पर आरोप तय नहीं हो सके। पूर्व मंत्री सईदुज्जमां और उनके बेटे सलमान सईद कोर्ट में पेश हुए। बचाव पक्ष ने कहा कि सेशन कोर्ट में रिवीजन दाखिल किया गया है। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 16 अगस्त की तिथि नियत की।
करीब 11 साल पहले 30 अगस्त 2013 को शहर के शहीद चौक पर बिना अनुमति के जनसभा करने के आरोप में पूर्व मंत्री समेत 10 आरोपी बनाए गए थे। जुमे की नमाज के बाद आयोजित जनसभा में भड़काऊ भाषण देने पर पूर्व मंत्री सईदुज्जमा, पूर्व सांसद नूरसलीम राना, पूर्व विधायक नूरसलीम राना, पूर्व विधायक मौलाना जमील सहित अन्य नेताओं के खिलाफ मुकदमा अदालत में विचाराधीन है।
बचाव पक्ष की ओर से दिए गए आरोप मुक्त करने का प्रार्थना पत्र पहले ही खारिज किया जा चुका है। पूर्व विधायक नूर सलीम राना समेत दो आरोपियों की ओर से रिवीजन सेशन कोर्ट में दाखिल किया गया है, जिस पर सुनवाई 14 अगस्त को होनी है।
मंगलवार को आरोपियों ने कहा कि रिवीजन पर सुनवाई चल रही है। सिविल जज सीनियर डिवीजन/विशेष कोर्ट एमपी एलएलए के पीठासीन अधिकारी देवेंद्र कुमार फौजदार ने आरोप तय करने के लिए 16 अगस्त की तिथि नियत की है।