यातायात नियमों की अनदेखी पड़ रही भारी
मुजफ्फरनगर। हादसे जिंदगी पर भारी पड़ रहे हैं। बिजनौर से वन विभाग की परीक्षा देकर लौट रहे स्कूटी सवार दो दोस्तों की मौत से गम का माहौल है। पिछले आठ दिन में ही दस से ज्यादा हादसे हो गए हैं। यातायात नियमों की अनदेखी हादसों की वजह बन रही है।
पिछले सात माह की बात करें तो 110 लोगों की जान हादसों में चली गई। ऐसे भी कई मामले हैं, जब पीड़ित परिवार ने पुलिस कार्रवाई से ही इन्कार कर अंतिम संस्कार कर दिया। जबकि हत्या की वारदात में 25 लोगों की जान गई है। जाहिर है कि सड़कें अधिक जानलेवा हो गई हैं, जिन पर 184 लोग घायल हुए हैं। हादसों की वजह से लोग दिव्यांग भी हो गए। यातायात के नियमों का पालन करने से हादसों पर किसी हद तक नियंत्रण किया जा सकता है।
माह हादसे मृतक घायल
जनवरी 18 13 11
फरवरी 19 12 18
मार्च 28 10 47
अप्रैल 25 9 20
मई 20 10 13
जून 34 24 40
जुलाइ 46 26 21
हादसों में इनकी हुई मौत व घायल
- 13 अगस्त- भोपा में विद्युत पोल से कार टकराने पर तेवड़ा निवासी सुहेब की मौत
- 18 अगस्त-शाहपुर के गांव सोरम में किसान शरीफ की अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत
- 20 अगस्त- मंसूरपुर में निजामपुर निवासी संतोष की अज्ञात वाहन से कुचलकर मौत
- 22 अगस्त-बुढ़ाना में कांधला मार्ग पर ट्रक की टक्कर से बुग्गी सवार किसान जगपाल की मौत
यातायात के नियमों का पालन जरूरी
यातायात के नियमों के पालन से हादसों पर अंकुश लगाया जा सकता है। अधिकतर हादसे ओवरटेक और रॉंग साइड पर चलने के कारण हुए हैं। हेलमेट लगाकर भी जान बचाई जा सकती है। भारी वाहनों की टक्कर से दुपहिया वाहन चालक हादसे का शिकार हो रहे हैं।
अपराध और हादसों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस को आदेश दिए गए हैं। यातायात नियमों का पालन कराने के लिए जल्द ही अभियान शुरू किया जाएगा। यातायात के नियमों का पालन करने से हादसों की संख्या में कमी आ सकती है - विनीत जायसवाल, एसएसपी