- सौ-सौ रुपये जमाकर शुरू किया काम, अब कमा रहीं पांच हजार रुपये महीना
- महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दे रहा गांव गड़वाड़ा का स्वयं सहायता समूह
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
भोपा। गड़वाड़ा की दस महिलाओं ने प्रति माह 100 रुपये जमा कर अपनी आमदनी को 5000 रुपये प्रति माह तक पहुंचा दिया है। महिलाओं ने इस धनराशि से झाड़ू और दीपक का निर्माण किया। महिलाएं हौसले से तरक्की की उड़ान भर कर अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भरता का संदेश दे रही हैं।
क्षेत्र के गांव गड़वाड़ा निवासी दस महिलाओं ने लगभग पांच वर्ष पूर्व भारती स्वयं सहायता समूह का गठन किया था। महिलाएं प्रतिमाह सौ-सौ रुपये इकट्ठा कर उन्हें बैंक में जमा करती चली आ रही हैं। समूह की अध्यक्ष गीता ने बताया कि उन्होंने राकेश देवी, नीलू, गुड्डी, स्नेह लता, कमलेश, मीनाक्षी, कमला, अंजू को साथ लेकर बैंक में इकट्ठी हुई धनराशि से चार माह पूर्व झाड़ू व दीपक बनाने का कार्य शुरू किया। वह मुजफ्फरनगर से सामग्री खरीद कर लाती हैं और झाड़ू तैयार कर अपने पति के सहयोग से उन्हें सप्लाई कर रही हैं। उन्होंने मिट्टी के दीपक बनाने की डाई खरीदी हैं। सभी महिलाएं आर्डर पर मिट्टी के दीपक भी बनाती हैं।
समूह की महिलाओं का कहना है कि बैंक या सरकार से उन्हें किसी प्रकार की मदद नहीं मिली है। सभी महिलाएं आर्थिक दृष्टि से मध्यम परिवार से हैं। 100 रुपये प्रतिमा से आज समूह की महिलाएं 5000 से 6000 रुपये प्रति माह की कमाई कर रही हैं और अन्य महिलाओं को आत्मनिर्भरता का संदेश भी दे रही है।
दो घंटे में सौ झाड़ू और एक हजार दीपक
सहायता समूह की महिलाओं ने बताया कि वह दिन में मात्र दो घंटे काम करती हैं। बाकी समय में घर का कार्य करती हैं। इन दो घंटों में सभी महिलाएं मिलकर लगभग 100 झाड़ू और 1000 से भी अधिक दीपक प्रतिदिन तैयार कर देती हैं। महिलाएं फूल झाड़ू और बांस की झाड़ू बनाती है, जिनकी कीमत 50 रुपये से 70 रुपये तक की होती है।
गीता को मिला हुनर तो महिलाओं को बांट दिया
भारती स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष गीता ने जहां झाड़ू बनाने का हुनर पड़ोसी से चंद दिनों में सीख लिया था। दीपक बनाने का कार्य मुजफ्फरनगर के ही गांव नंगला से सीखा है। इसी के साथ मिट्टी के दीपक बनाने की कुछ विधि उसने इंटरनेट से भी सीखी है। अब गीता अपना हुनर समूह की समस्त महिलाओं को बांट चुकी हैं जिससे सभी महिला अच्छी खासी आमदनी कर रही हैं। समूह दस महिलाओं को स्वरोजगार को बेहतर तरीके से चलाने व आत्मनिर्भर बनने पर रहमतपुर गांव के यूको बैंक शाखा ने दो माह पूर्व सम्मानित किया था।