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रास्ते बंद किए तो भूल भूलैया बन गया शहर

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कांवड मार्ग में की गई बैरिकेडिगं , व दोपहर में लगे जाम में फसी छात्राएं। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
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रास्ते बंद किए तो भूल भूलैया बन गया शहर
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मुजफ्फरनगर। हरिद्वार से गंगाजल लेकर शिवालयों की ओर बढ़ रहे कांवड़ियों को परेशानी से बचाने के लिए कांवड़ मार्ग के अधिकतर रास्ते बंद कर दिए गए हैं। कोई थी व्यक्ति मुख्य मार्ग पर वाहन लेकर नहीं पहुंचे, इसके लिए गलियों में बैरिकेडिंग कर दी गई है। शहर के रास्ते बंद हुए तो लोग दिनभर भटकते रहे। कोई इधर फंसा तो कोई उधर। स्कूलों की छुट्टी होने के बाद विद्यार्थियों ने भी खूब परेशानी झेली। कई जगह जाम की स्थिति भी बन गई।
पुलिस-प्रशासन ने सोमवार को बैरिकेडिंग बढ़ा दी और कई रास्ते बंद कर दिए। रामपुर तिराहे से लेकर सूजडू़ पुलिस चौकी तक के गलियों के साथ अन्य मार्गों को प्रशासन ने बैरिकेडिंग कर बंद कर दिया गया। पूरे शहर में मीनाक्षी चौक और नावल्टी चौराहा ही ऐसे रास्ते रह गए हैं, जो कांवड़ मार्ग से आरपार निकलते हैं। जो लोग अन्य मार्ग से आते जाते रहे हैं, उन्हें अब मजबूरी में इन्हीं मार्गों से होकर जाना पड़ रहा है। शिव चौक को कांवड़ियों की बढ़ती संख्या के कारण पूरी तरह बंद कर दिया गया है। यहां एसडी मार्केट की ओर लोहे की चादर की बैरिकेडिंग की गई है। इससे यहां पैदल चलने वालों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नुमाइश कैंप, रामपुरम, स्पोर्ट्स स्टेडियमय, केशवपुरी, अंबा विहार, दाल मंडी की सभी सड़कें, रुड़की रोड की सभी गलियों की सड़कें बंद कर दी गई हैं।
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ग्रामीण घर जाने के लिए रहे परेशान
शिवचौक और उसके आसपास की सभी एंट्री बंद होने से कचहरी एवं अन्य काम से शहर में आने वाले लोगों को लंबा रास्ता तय करना पड़ा। शिवचौक से वापस होकर लोग प्रकाश चौक, महावीर चौक होते हुए मीनाक्षी चौक से अपने गंतव्य की ओर गए।
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भीषण गर्मी में बिलबिलाए बच्चे, अभिभावक हुए परेशान
कांवड़ यात्रा के चलते मुख्य मार्गों को जोड़ने वाले रास्ते बंद हो जाने से स्कूलों से लौट रहे बच्चों का घर पहुंचना मुश्किल हो गया। कुछ बच्चे उमस भरी गर्मी में बिलबिला गए। सोमवार को शहर के सभी स्कूल खुले थे, सुबह के समय सभी बच्चे वाहनों, अपनी साइकिल आदि से स्कूल पहुंचे थे। जो आसपास के थे वह पैदल भी स्कूल जाते हैं। शहर में बच्चे समय पर स्कूल चले तो गए, लेकिन जब स्कूलों की छुट्टी हुई तो वे मार्ग बंद हो चुके थे, जिनसे वह स्कूल पहुंचे। बच्चों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। जो पैदल थे वे तो निकल गए, लेकिन जिनके पास साइकिल थीं और उन्हें अन्य रास्ते नहीं पता थे उनके सामने दिक्कत आई। बच्चे रास्ता ढूंढते हुए बेहाल हो गए। उमस भरी गर्मी में बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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