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सांसद ही करेंगे घृणा का प्रचार तो कानून व्यवस्था का क्या होगा: हकीमुद्दीन

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मौलाना हकीमुद्दीन कासमी - फोटो : DEVBAND
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देवबंद (सहारनपुर)। जमीयत उलमा-ए-हिंद के महासचिव मौलाना हकीमुद्दीन कासमी ने उत्तर पूर्वी दिल्ली में एक बार फिर घृणात्मक कार्यक्रम आयोजित करना और मुसलमानों के विरुद्ध बहुसंख्यक वर्ग को उकसाने पर नाराजगी और चिंता जताई जताई है। उन्होंने इसकी घोर निंदा करते हुए शासन प्रशासन से मांग की है कि देश में अशांति और अराजकता का वातावरण पैदा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
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मंगलवार को जारी बयान में मौलाना हकीमुद्दीन कासमी ने कहा कि चिंता का विषय है कि प्रवेश वर्मा देश की सत्ताधारी पार्टी के सांसद हैं। इसके बावजूद उनको अपने संविधान और उसके अनुसार ली गई पद एवं गोपनीयता की शपथ की रत्तीभर भी चिंता नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर सांसद जैसे महत्वपूर्ण पदों पर आसीन व्यक्ति इस तरह का बयान देगा तो फिर देश में कानून-व्यवस्था का क्या होगा?। मौलाना हकीमुद्दीन ने कहा कि जमीयत अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी की तरफ से केंद्रीय गृहमंत्री को एक पत्र प्रेषित किया गया है। जिसमें कहा है कि नफरत फैलाने वाले भाषण देश के लिए अभिशाप हैं। इसलिए दिल्ली की इस घटना का गंभीरता से संज्ञान लें और संबंधित अधिकारियों को भी निर्देशित करें कि वह न केवल कार्यक्रम के आयोजकों बल्कि भड़काऊ बयानबाजी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे।
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