कस्बे के जैन स्थानक में सास बहू नाटिका का मंचन करने वाली बालिकाएं।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
जैन स्थानक में रविवार को सास बहू दिवस मनाया गया
बालिकाओं ने सास-बहू नाटिका का मंचन किया
संवाद न्यूज एजेंसी
बुढ़ाना। जैन स्थानक में जैन महा साध्वी सुमंगला ने कहा कि सास-ससुर अपनी बहू को बेटी समझें। बहू अपने सास-ससुर को माता-पिता समझें तो परिवार में कभी झगड़ा नहीं होगा। चातुर्मास कार्यक्रम में बालिकाओं ने सास बहू नाटिका का मंचन किया।
जैन स्थानक में रविवार को सास बहू दिवस मनाया गया। साध्वी सुमंगला ने कहा कि आजकल छोटा बच्चा भी अपनी गलती स्वीकार नहीं करता है। संबंध दो तरह के होते हैं, एक जन्म से और एक रिश्ते से। रिश्ते का संबंध पुरुष व महिला की शादी के बाद बनता है। इन्हीं रिश्तों में सास बहू का रिश्ता भी आता है। उन्होंने बताया कि घर में आने वाली बहू अपने मायके फोन कर छोटी-छोटी बातों को भी बताती है और बुराई करती है। वह झगड़ों का कारण बनता है। अगर बहू सास-ससुर को ही माता-पिता और सास-ससुर अपनी बहू को बेटी समझें तो किसी घर में झगड़ा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि सदैव जागृत रहो, उसी से सद्बुद्धि प्राप्त होती है। कहा कि कभी-कभी अपनी भूल को मानकर सुधारना चाहिए। जब व्यक्ति को अपनी भूल ही दिखाई नहीं देगी तो वह उसे सुधारेगा कैसे। नाटिका में भाग लेने वाले बच्चों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में जयप्रकाश जैन, सुभाष, नरेश, नितिन, अमित, उत्तम, मोहित, उषा, श्वेता, नीतू, रेनू आदि मौजूद रहे।