मुजफ्फरनगर में नए दौर में भी प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की कमी नहीं है, लेकिन जरूरत उन्हें तराशने की है। सुविधाएं बढ़ाने और सही प्रशिक्षण देने की जरूरत है। चौधरी चरण सिंह स्पोर्ट्स स्टेडियम में प्रशिक्षकों की कमी के कारण खिलाड़ी बेहाल है। हॉकी, क्रिकेट और शूटिंग बॉल समेत कई खेल ऐसे है, जिनके कोच नहीं है। ऐसे में सवाल यह है कि जब कोच ही नहीं है तो खिलाड़ियों को कैसे तैयार किया जाएगा। सिर्फ तीन खेलों के कोच ही है।
स्टेडियम में क्रिकेट, बैडमिंटन, जूडो, वेटलिफ्टिंग, एथलेटिक्स, कबड्डी, कुश्ती, वालीबाल, हैंडबॉल और शूटिंग बॉल के खिलाड़ी अभ्यास करते है। कुल तीन खेलों के ही कोच स्टेडियम में उपलब्ध है, जबकि अन्य खेलों की तैयारी की जिम्मेदारी सीनियर खिलाड़ियों पर है। वे ही खिलाड़ियों को तैयार कर रहे है।
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जिला खेल अधिकारी हरफूल सिंह ने बताया कि चौधरी चरण सिंह स्पोर्ट स्टेडियम में कबड्डी, जूडो और वेटलिफ्टिंग के ही कोच है। यहां कबड्डी के 25, जूडो के 25 और वेटलिफ्टिंग के कुल 30 खिलाड़ी है। कबड्डी के कोच वह खुद है, जूडो के कोच किरण गौतम और वेटलिफ्टिंग की कोच रेणू रानी है। यह दोनों कोच संविदा पर है। इसके अलावा स्टेडियम में फिलहाल आर्मी की तैयारी करने वाले बच्चे भी आ रहे है।
तीन खेलों के कोच यहां उपलब्ध है। कोच के लिए डिमांड की गई है। अभी छह जनवरी को ट्रायल भी हुआ था, लेकिन सूची अभी तक नहीं आई है। यह सूची लखनऊ से ही जारी होती है। स्टेडियम में बाकी सभी सुविधाएं है, किसी भी चीज की कोई कमी नहीं हैं।
- हरफूल सिंह, जिला खेल अधिकारी