बुढ़ाना। जाट संवाद बैठक में अंतरराष्ट्रीय जाट संसद के संयोजक रामावतार पलसानियां ने कहा कि आने वाली पीढ़ी को जाट समाज के महापुरूषों का इतिहास बताने के लिए उसे डिजिटल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एक अक्टूबर को मेरठ में अंतरराष्ट्रीय जाट संसद कार्यक्रम में देश व विदेश के भारी संख्या में जाट जुटेंगे। उन्होंने इस कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की।
कस्बे के एक बैंक्वेट हॉल में मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय जाट संसद के तत्वावधान में जाट संवाद कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम के संयोजक रामावतार पलसानियां ने कहा कि आने वाली पीढ़ी को जाट समाज के महापुरुषों का इतिहास बताने के लिए जाट समाज के इतिहास को डिजिटल बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि मेरठ में एक अक्टूबर को अपने देश ही नही बल्कि दुनिया के विभिन्न देशों से जाट समाज के लोग भारी संख्या में एकत्र होंगे।
परमेश्वर कलवालियां ने कहा कि चौधरी चरण सिंह व सर छोटूराम द्वारा जाट समाज के लिए किए गए कार्यों को कभी नहीं भुलाया जा सकता। जाट समाज के महापुरुषों के बारे में आने वाली पीढ़ी को अवगत कराना जरूरी है। जाट समाज की विभिन्न समस्याओं को लेकर मेरठ में अंतरराष्ट्रीय जाट संसद कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। इस मौके पर कार्यक्रम के आयोजक ब्रजपाल सहरावत, जाट आरक्षण समिति के चौ. यशपाल मलिक, नितिन मलिक, यशपाल बालियान, तेजपाल सहरावत, प्रवीण राणा, सुधीर सहरावत, आरएस मलिक, वीरेंद्र सिंह, धर्मेंद्र पंवार, चंद्रपाल पंवार और बाबू सिंह राठी आदि मौजूद रहे।