मुजफ्फरनगर शहर की बेटी शालू सैनी लावारिशों की वारिस बनकर उनका अंतिम संस्कार करने का बीड़ा उठाए हुए है। इस बार सैनी ने मुस्लिम व्यक्ति को सुपुर्द ए खाक किया।
सिखेड़ा थाने की ओर से शालू सैनी से निवेदन किया गया था कि वह मृतक मुस्लिम समुदाय के व्यक्ति को सुपुर्द-ए-खाक कराने में सहयोग करे। अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए शालू ने सरवट कब्रिस्तान में मृतक की बहन बनकर अपने हाथो से सुपुर्द-ए-खाक किया।
सभी ने क्रांतिकारी शालू सैनी के जज्बे की सराहना की है। साक्षी वेलफेयर ट्रस्ट की राष्ट्रीय अध्यक्ष क्रांतिकारी शालू सैनी की मुहिम हर कोई प्रशंसा कर रहा है।