- कस्बे के मेडिकल स्टोर संचालकों और प्राइवेट डॉक्टरों ने अपनी दुकानें बंद रखीं
- नर्सिंग होम में महिला चिकित्सक के साथ मारपीट करने का मामला
फोटो समेत
संवाद न्यूज एजेंसी
मीरापुर। नर्सिंग होम में महिला चिकित्सक के साथ मारपीट के विरोध में कस्बे के स्टोर संचालकों और प्राइवेट डॉक्टरों ने अपनी दुकानें बंद कर स्वास्थ्य सेवाएं बंद कर दीं। दूसरी तरफ महिला चिकित्सक की ओर से मुकदमा दर्ज कराए जाने के विरोध में मोहल्ले के लोगों ने थाने पहुंचकर हंगामा किया। पुलिस ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया।
कस्बे के मोहल्ला नई बस्ती निवासी सावेज का शुक्रवार को मोहल्ला कासमपुरा निवासी युवती से निकाह हुआ था। अचानक नवविवाहित की तबीयत खराब होने पर परिजन उसे कस्बे के प्राइवेट अस्पताल में लेकर पहुंचे। आरोप है कि डॉक्टरों ने ऑपरेशन के लिए 20 हजार रुपये जमा करने की बात कही। इसके बाद नवविवाहित के परिजन उसे मेरठ के एक चिकित्सक के यहां लेकर पहुंचे तो प्राथमिक उपचार से ही आराम लग गया। इसके बाद नवविवाहित के परिजन उसे लेकर मीरापुर के नर्सिंग होम पहुंचे और चिकित्सकों पर गलत तरीके से रुपये ऐंठने के लिए गलत बीमार बताने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
कुछ महिलाओं ने अस्पताल की एक महिला चिकित्सक के साथ मारपीट कर दी। तब पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत करा दिया था। शनिवार को सठेड़ी निवासी महिला चिकित्सक लता ने नई बस्ती निवासी सावेज और कुछ अज्ञात महिलाओं के विरुद्ध मारपीट का मुकदमा दर्ज करा दिया।
रविवार सुबह सावेज पक्ष के लोगों को मुकदमे की जानकारी लगी तो दर्जनों महिलाएं थाने पहुंच गईं और मुकदमा झूठा बताते हुए काफी देर थाने में हंगामा किया। महिलाओं के थाने पहुंचने की जानकारी पर कस्बे के स्टोर संचालकों और प्राइवेट डॉक्टरों ने अपनी दुकानें बंद कर स्वास्थ्य सेवाएं बंद कर दीं और अस्पताल में हुई मारपीट की घटना पर रोष जताया। उधर, इंस्पेक्टर मीरापुर रवेंद्र सिंह यादव ने बताया कि महिला डॉक्टर की तहरीर पर एक नामजद व कुछ अज्ञात के विरुद्ध अस्पताल में मारपीट का मुकदमा दर्ज किया गया है, इसी मामले में आरोपी पक्ष की कुछ महिलाएं थाने आई थी, जिनको जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।
अस्पताल की होगी जांच : सीएचसी प्रभारी
सीएचसी जानसठ प्रभारी अजय कुमार ने बताया कि मामले की पूर्ण जानकारी नहीं है। जानकारी जुटाई जा रही है। प्राइवेट अस्पताल की जांच की जाएगी। कुछ भी गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। उधर, स्वास्थ्य सेवाएं बंद रहने से मरीजों ने परेशानी भी झेली। गंभीर रोगियों ने कस्बे से बाहर के डॉक्टरों से अपना उपचार कराया।