मुजफ्फरनगर। पुलिस से जीआरपी में दो सिपाहियों के ट्रांसफर के मामले में एसएसपी अभिषेक सिंह ने कार्य में लापरवाही बरतने पर पुलिस कार्यालय के प्रधान लिपिक व चरित्र पंजिका लिपिक द्वितीय को निलंबित किया हैं। एसपी देहात की जांच के बाद कार्रवाई की गई है।
स्वेच्छा से जीआरपी में जाने के लिए मार्च माह में पुलिसकर्मियों से आवेदन मांगे थे। दो सिपाहियों के नाम से अलग-अलग प्रार्थना पत्र एसएसपी कार्यालय में दिए गए थे। प्रार्थना पत्रों पर किसी के भी हस्ताक्षर नही थे और न ही थाना प्रभारी के हस्ताक्षर कराए गए थे।
पुलिस कार्यालय में तैनात चरित्र पंजिका लिपिक द्वितीय (सीआरके) मंजू देवी और प्रधान लिपिक एमएस जैदी ने दोनों प्रार्थना पत्रों पर प्रक्रिया शुरू करा दी। हस्ताक्षर नहीं होने को गंभीरता से नहीं लिया गया। यही नहीं, एसएसपी से भी हस्ताक्षर कराकर दोनों सिपाहियों का तबादला जीआरपी के लिए करा दिया।
दोनों सिपाहियों को पता चला तो उन्होंने एसएसपी को शिकायत कर बताया कि उन्होंने कोई प्रार्थना पत्र नहीं दिया था। एसएसपी ने जांच एसपी देहात आदित्य बंसल को दी। एसपी देहात ने बताया कि दोनों सिपाहियों ने तबादला निरस्त कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था, तब लापरवाही का यह मामला सामने आया।
एसपी देहात ने अपनी रिपोर्ट एसएसपी को सौंपी। एसएसपी अभिषेक सिंह ने बताया कि कार्य में लापरवाही पर प्रधान लिपिक व चरित्र पंजिका लिपिक द्वितीय को निलंबित किया गया है।