- आर्य समाज शिवपुरी में आयोजित वेद प्रचार समारोह में पहुंचे योग ऋषि स्वामी कर्मवीर
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संवाद न्यूज एजेंसी
खतौली। योग ऋषि स्वामी कर्मवीर महाराज ने कहा कि एक मनुष्य को ही आनंद का अनुभव होता है। भौतिक पदार्थों में सुख तो मिल सकता है आनंद नहीं मिल सकता है। आर्य समाज शिवपुरी में आयोजित वेद प्रचार समारोह में उन्होंने कहा कि जीवन में क्रोध न करें, सभी को मित्र की दृष्टि से देखें। योग से अपने जीवन को स्वस्थ बनाएं।
देहरादून से आए अनुज शास्त्री ने कहा कि सुख का मूल धर्म है। धर्म का मूल वेद है, वेद ही ईश्वर का ज्ञान है। रामायण में त्याग, भाव और महाभारत में स्वार्थ का भाव निहित है। इससे पूर्व रामदेव शास्त्री और अजेश आर्य ने हवन कराया। जिसमें जगदीश सिंह और प्रभादेवी यजमान रहे। विकास आर्य दूसरे यजमान रहे। कार्यक्रम में कंवरपाल शास्त्री, ऋषि, देव, पथिक, सुकृति आर्य, हरिश्चंद्र आदि ने भी विचार रखे।
इस अवसर पर आर्य समाज के कर्मठ कार्यकर्ता रामदेव शास्त्री, जगदीश सिंह, सुरेश फौजी, अमरीश, राजेश आर्य, रन सिंह, भगवान सिंह, सुनील आर्य, चरण सिंह आर्य, सुनील वर्मा, अनिल आर्य, दिनेश आर्य, रामानंद आर्य, दीपक आर्य, बृज गोपाल आर्य, सुशील आर्य, अरुण धारीवाल, रामशरण आर्य, राजेंद्र विश्वकर्मा को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में महाराज सिंह, सुशील आर्य, अमरेश प्रधानाचार्य, वेद प्रकाश एडवोकेट, राजपाल आर्य, मोहनलाल अग्रवाल, हरिश्चंद्र भगेला, चुन्नीलाल आर्य आदि मौजूद रहे।
छात्राओं ने दिखाई प्रतिभा
इस अवसर पर ऋषिका, कुलम, कन्या गुरुकुल की छात्राओं ने आंखों पर पट्टी बांधकर पुस्तक को पढ़ना, पैर के अंगूठे से अखबार पढ़ना, आंख बंद करके चित्रकारी करना, मोबाइल और पेन के विभिन्न रंगों को बताना, नोट के नंबर बताना, चित्र पर हाथ रखकर चित्र का नाम बताना आदि कलाओं का प्रदर्शन किया।