उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री का आदेश ही कानून है, मगर जब गन्ने के भुगतान की बात आती है तो उनका कोई आदेश नहीं होता है। सरकार द्वारा एमएसपी पर कानून नहीं बनाया जा रहा है। बिहार में धान आठ सौ रुपये व गेहूं सोलह सौ रुपये क्विंटल बिक रहा है।
उत्तर प्रदेश में विपक्ष कमजोर बताते हुए कहा कि विपक्ष कमजोर होने से सत्ता में बैठी सरकार मजबूत हो जाती है। उन्होंने लोगों को आश्वासन दिया कि किसी भी किसान का पट्टा निरस्त नहीं होगा। इसके लिए लड़ाई लड़ी जाएगी और आंदोलन किए जाएंगे। 26 नवंबर को लखनऊ व देहरादून में पंचायत होगी।
अध्यक्षता सुखदेव सिंह ने और संचालन मंडल अध्यक्ष नवीन राठी ने किया। मौके पर भाकियू नेता सरदार बूटा सिंह, जिलाध्यक्ष योगेश शर्मा, विजय शास्त्री, संजय चौधरी, अमीर सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष संजय त्यागी, देविंदर खालसा, कुलवंत सिंह विर्क, गुरमीत खालसा, प्रधान बलिहार सिंह, शीशा सिंह, गुलजार सिंह, जगतार सिंह, काका सिंह मौजूद रहे।
टोल प्लाजा से पंचायत तक स्वागत
मुख्य अतिथि राकेश टिकैत को सैकड़ों वाहनों के काफिले के साथ छपार टोल प्लाजा से वाया पुरकाजी पंचायत स्थल तक ले जाया गया। जहां सिख समाज के लोगों द्वारा तलवार व स्वर्ण मंदिर की प्रतिमा भेंट कर और सरोपा पहनाकर जोरदार स्वागत किया।