मुजफ्फरनगर। नगर पालिका सीमा विस्तार में शहर से सटे 11 गांव शामिल हुए हैं। इसके साथ ही गांवों के प्रधान और बीडीसी की सदस्यता बीच में ही खत्म हो गई है, लेकिन पालिका चुनाव का एक साल बीतने के बाद भी दो जिला पंचायत सदस्य अभी भी बोर्ड के मेंबर हैं। इन सदस्यों का पूरा क्षेत्र पालिका में आ चुका है लेकिन इनकी सदस्यता बनी हुई है।
लोकतांत्रिक व्यवस्था में ग्रामीण अंचल में त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था है और शहरी क्षेत्र में निकाय चुनाव की व्यवस्था है। त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था में एक बॉडी गांव में कार्य करती है, जिसमें प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्य होते हैं, दूसरी ब्लाक में काम करती है जिसमें प्रमुख और बीडीसी होते हैं। तीसरी बॉडी जिले में काम करती है, जिसमें जिला पंचायत अध्यक्ष और जिला पंचायत सदस्य होते हैं।
निकाय व्यवस्था में चेयरमैन और सभासद काम करते हैं। दोनों व्यवस्था अलग-अलग हैं। जहां निकाय व्यवस्था लागू हो जाती है, वहां पंचायती राज व्यवस्था अपने आप समाप्त हो जाती है।
नगर पालिका के सीमा विस्तार के बाद यहां 11 गांव शामिल हुए हैं। एक साल पहले इनमें निकाय चुनाव हो चुका है। इनके प्रधानों के अधिकार सीज करते हुए सदस्यता समाप्त कर दी गई। इन 11 गांवों में ब्लाक के 185 में से 75 बीडीसी थे, इनकी सदस्यता भी समाप्त कर दी गई।
जिला पंचायत के छह वार्ड ऐसे हैं, जिनका क्षेत्र पालिका में गया है। इनमें वार्ड पांच, सात, आठ, नौ, दस और 12 शामिल हैं। इनमें दो वार्ड ऐसे हैं जिनका सम्पूर्ण क्षेत्र पालिका में आ गया है, इनमें वार्ड आठ और दस हैं। वार्ड आठ अलमासपुर, सूजडू का है जो दोनों गांव पालिका में आ गए हैं, यहां से जिला पंचायत सदस्य आरिफा अभी भी बोर्ड की सदस्य हैं।
वार्ड दस से जयभगवान शर्मा सदस्य है, जिनका क्षेत्र सरवट पूरा शहर में आ गया है, वह भी बोर्ड के सदस्य बने हैं। वार्ड पांच के अमित, वार्ड सात के तरुण, वार्ड नौ के सचिन, वार्ड 12 के अमरकांत के क्षेत्र का काफी हिस्सा पालिका में आया है, लेकिन कुछ क्षेत्र बचा होने के कारण इनकी सदस्यता नहीं जा सकती।
ये गांव हुए हैं शहर में शामिल
पालिका विस्तार में सदर ब्लाक के दस गांव और चरथावल ब्लाक का एक गांव शामिल हुआ है। चरथावल ब्लाक का खांजापुर शामिल है। सदर ब्लाक के सरवट, कूकड़ा, अलमासपुर, शाहबुद्दीनपुर, मंधेड़ा, मीरापुर, सूजडू, वहलना, सहावली, बीबीपुर शामिल हैं।
पालिका में आए क्षेत्र के कार्य पास नहीं
जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी पवन कुमार गोयल का कहना है कि जिला पंचायत बोर्ड बैठक में सीमा विस्तार में शामिल सदस्यों को भी बुलाया जा रहा है, लेकिन इस क्षेत्र के लिए कोई पैसा जारी नहीं किया गया है।
शासन से नहीं मिला आदेश : निर्वाल
जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीरपाल निर्वाल का कहना है कि हमारे बोर्ड में 43 सदस्य हैं। एक सदस्य इरशाद की सदस्यता कोर्ट से सजा होने के कारण शासन ने समाप्त की है। बाकी 42 सदस्यों को बोर्ड बैठक की नियमित सूचना दी जाती है। सीमा विस्तार में दो सदस्यों का पूरा क्षेत्र शामिल हुआ है। अभी इनकी सदस्यता समाप्त करने का शासन से कोई आदेश नहीं आया है।
शासन से गाइडलाइन मंगा रहे हैं
मुख्य विकास अधिकारी संदीप भागिया का कहना है कि प्रधानों और बीडीसी सदस्यों की सदस्यता समाप्त हो गई है। जिला पंचायत के दो वार्ड ऐसे हैं जो पूरी तरह पालिका में शामिल हो गए हैं। इन सदस्यों की सदस्यता को लेकर शासन से गाइडलाइन मंगा रहे हैं।