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Muzaffarnagar News: हाथी से उतरे, नल नहीं चला पाए, अब कितना कमल खिलाएंगे राजपाल

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पूर्व सांसद--- राजपाल सैनी।
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मुजफ्फरनगर। पूर्व सांसद राजपाल सैनी ने रालोद छोड़कर अपने बेटे के साथ लखनऊ में भाजपा का दामन थाम लिया है। अति पिछड़ा वोट बैंक को बांधकर रखने की मंशा से भाजपा के रणनीतिकारों ने उनसे बात बढ़ाई। उन्हें संगठन में पद भी दिए जाने की संभावना है। पूर्व सांसद की नजर अपने बेटे के लिए 2027 के चुनाव पर टिकी है, जबकि भाजपा की नजर 2024 में अति पिछड़ा वोट बैंक पर है।
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बुढ़ाना क्षेत्र के लुहसाना गांव के रहने वाले राजपाल सैनी लंबे समय से राजनीति में सक्रिय है। पहली बार साल 2002 में मोरना विधानसभा सीट से सपा के संजय चौहान को हराकर वह विधानसभा पहुंचे और सरकार में मंत्री बनाए गए थे। हालांकि 2007 के चुनाव में रालोद के टिकट पर चुनाव लड़े कादिर राना के सामने उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। बसपा ने ही उन्हें राज्यसभा सदस्य भी बनाया था।
परिसीमन के बाद खतौली सीट से पहले बेटा बसपा के टिकट पर चुनाव हार गया और 2022 में रालोद के टिकट पर उन्हें खुद भी हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद से वह राजनीतिक जमीन की तलाश में लगे हुए थे। भाजपा में शामिल होने के बाद भी उनके सामने चुनौतियां कम नहीं होगी। रालोद में रहते हुए वह चुनाव नहीं जीत पाए। भाजपा में शामिल होने के बाद 2024 में उनकी पहली सियासी परीक्षा होगी।
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- बेटे को राजनीति में स्थापित कराने की जद्दोजहद

पूर्व सांसद राजपाल सैनी अभी तक जिले की राजनीति में अपने बेटे शिवान सैनी को स्थापित नहीं करा पाए हैं। बसपा के टिकट पर शिवान ने खतौली से चुनाव लड़ा, लेकिन पूर्व विधायक विक्रम सैनी के सामने हार गए। रालोद ने 2022 में शिवान के बजाय राजपाल सैनी को टिकट दिया। उप चुनाव में भी दोनों को टिकट नहीं मिला था। सियासी गलियों में चर्चा है कि राजपाल सैनी की नजर 2027 के विधानसभा चुनाव पर है। भाजपा में शामिल होकर बेटे के लिए वह राजनीतिक जमीन तैयार करेंगे।

- पुराने भाजपाइयों से होगा सियासी मुकाबला

पूर्व सांसद राजपाल सैनी के लिए भाजपा की सियासत में समन्वय बनाकर अपना रास्ता बनाना भी आसान काम नहीं होगा। सैनी समाज से भाजपा में पूर्व विधायक विक्रम सैनी, पूर्व जिलाध्यक्ष सुधीर सैनी और रुपेंद्र सैनी शामिल हैं। ये तीनों चेहरे हमेशा भाजपा और संघ की पृष्ठभूमि से रहे हैं, ऐसे में खतौली के मैदान पर शिवान सैनी की राह आसान नहीं होगी। दिलचस्प बात यह है कि पूर्व विधायक विक्रम सैनी 2017 में शिवान और 2022 में राजपाल सैनी को चुनाव हरा चुके हैं।
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पूर्व सांसद--- राजपाल सैनी।

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