संवाद न्यूज़ एजेंसी
मोरना। कथा व्यास गंगोत्री तिवारी मृदुल महाराज ने कहा कि अक्सर मनुष्य भगवान को सुख में भूल जाता है। परमात्मा को स्मरण करने का समय दुख नहीं अपितु सुख है। दुख में तो पापी व्यक्ति भी भगवान को याद करके रोता है। भगवान तो भाव के भूखे है, वह सदैव अपने भक्तों का हित चाहते है।
शुकतीर्थ स्थित त्यागी आश्रम में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कथा व्यास महाराज ने बताया कि दांपत्य जीवन में पति पत्नी में एक दूसरे के प्रति कभी भी संशय नहीं होना चाहिए। दोनों के बीच किसी भी बात को लेकर संशय बन गया तो दांपत्य जीवन में क्लेश बन जाता है। मनुष्य को दीन दुखियों व जरूरतमंदों की हमेशा मदद करनी चाहिए। परोपकार के कार्य करने चाहिए।
इस दौरान मुख्य यजमान के रूप में महाराष्ट्र से पधारे नीतू भारद्वाज, अंजू भारद्वाज ने व्यास पूजन किया। कथा में हरि किशन वर्मा, रुकमणी वर्मा, नरेश कश्यप, सत्यम कुशवाहा, राजेश त्यागी, चीनू त्यागी मौजूद रहे।