- ताराचंद वैदिक पुत्री डिग्री कॉलेज में छात्राओं ने की तालाबंदी
- कॉलेज के बाद डीएम कार्यालय पर भी किया गया धरना प्रदर्शन
- जिले के करीब 30 हजार छात्र-छात्राएं फीस वृद्धि से हो रहे परेशान
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय सहारनपुर की ओर से परीक्षा शुल्क बढ़ाए जाने के विरोध में छात्राओं ने ताराचंद वैदिक पुत्री पीजी कॉलेज में तालाबंदी कर प्रदर्शन किया। पैदल मार्च और नारेबाजी करते हुए छात्राएं कलक्ट्रेट पहुंचीं और हंगामा किया। उन्होंने कहा कि महंगी फीस के कारण भविष्य की पढ़ाई पर संकट है। उधर, फीस बढ़ाए जाने से जिले के करीब 30 हजार छात्र-छात्राएं प्रभावित हो रहे हैं। इस समस्या का समाधान नहीं निकला तो शहर के सभी कॉलेजों को बंद करने का एलान भी छात्र नेताओं ने किया है।
शहर के नई मंडी स्थित ताराचंद वैदिक पुत्री पीजी कॉलेज की बीए, बीएससी, बीबीए और बीकॉम की छात्राओं ने बृहस्पतिवार को महाविद्यालय पर तालाबंदी कर दी। परीक्षा शुल्क बढ़ाए जाने से नाराज छात्राओं ने अध्यापिकाओं को भी कॉलेज में नहीं जाने दिया। कॉलेज में करीब तीन घंटे तक छात्राओं ने प्रदर्शन किया। प्राचार्या डॉ. संगीता चौधरी छात्राओं के बीच पहुंची और उनकी समस्या सुनीं। प्राचार्या ने विवि के परीक्षा नियंत्रक अरुण कुमार यादव से मोबाइल पर बातचीत की और समाधान की मांग रखी। प्राचार्या ने छात्राओं को भरोसा दिया कि फीस कम करने की मांग को विवि भेज दिया जाएगा। इसके बाद ही कोई फैसला होगा।
इसके बाद छात्राएं पैदल मार्च करती हुई कलक्ट्रेट पहुंचीं। यहां करीब दो घंटे छात्राओं ने प्रदर्शन किया। सिटी मजिस्ट्रेट विकास कश्यप छात्राओं के बीच पहुंचे और उनकी समस्या सुनीं। मांगपत्र लेकर विवि को अवगत कराने का आश्वासन दिया।
सात गुना बढ़ा दी गई परीक्षा फीस
छात्राओं ने बताया कि पहले एक साल में केवल एक हजार रुपये ही परीक्षा फीस देनी पड़ती थी, लेकिन अब एक सेमेस्टर के ही 3500 रुपये देने पड़ रहे हैं। एक साल में सात हजार रुपये परीक्षा फीस के ही कर दिए गए हैं। आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में विवि के कॉलेजों में छात्र-छात्राओं की बैक आ रही है। इसके बाद कॉपी री-चेक के नाम पर 2500 रुपये वसूले जाते हैं। री चेक में छात्र-छात्राओं को पास कर दिया जाता है। इस तरह के मामलों की जांच होनी चाहिए।
बेटियों ने पढ़ाई छोड़ने की दी चेतावनी
फीस वृद्धि के खिलाफ हंगामा करने वाली छात्राओं ने कहा कि कॉलेज में सभी मध्यवर्गीय परिवार की छात्राएं पढ़ने के लिए आती हैं। अगर इतनी फीस रही तो बड़ी संख्या में छात्राओं को अपनी पढ़ाई छोड़नी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि किसी भी छात्रा के परिवार इतनी फीस वहन नहीं कर सकते हैं।
बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ पर उठाए सवाल
हंगामा करने वाली छात्राओं ने सरकार के बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ के नारे पर भी सवाल खड़ा कर दिया है। इसी के साथ नारी सशक्तीकरण भी प्रश्नचिह्न लगाया। उन्होंने कहा कि एक तरफ तो बेटियों को पढ़ाने के बात की जाती है और दूसरी तरफ उनसे भारी-भरकम फीस वसूली जाती है। ऐसे में न तो बेटियां पढ़ पाएंगी और न ही बच पाएंगी।
छात्राओं ने की यह मांग
छात्राओं ने कहा कि विवि को परीक्षा फीस कम करनी चाहिए। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में केवल यही फीस 800 रुपये है, लेकिन मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय में 3500 रुपये है, इसे कम किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन छात्राओं ने परीक्षा फॉर्म भरकर यह फीस दी है, उन्हें वापस की जाए। परीक्षा फॉर्म भरने की तिथि भी बढ़ाई जाए। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की बैक पर भी संज्ञान लेकर कार्रवाई की जाए।
शहर के सभी कॉलेज बंद करने की घोषणा
कलक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन कर रहीं छात्राओं के समर्थन में कुछ छात्र नेताओं ने भी पहुंचकर नारेबाजी की। छात्र नेता विशु मलिक ने घोषणा की है कि अगर विवि ने फीस कम नहीं की तो शुक्रवार को शहर के सभी महाविद्यालयों पर ताला लगा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी विद्यालयों पर धरना-प्रदर्शन होगा।
इन छात्राओं ने किया हंगामा
महाविद्यालय और कलक्ट्रेट में छात्रा शिवानी, हुमा, टीन, तनीषा, सौफिया, नैना, शिखा, सपना, मानसी, हिमानी, अनुष्का, रितिका, निशा, खुशी, शालिनी, नरमा अख्तर, नीशु, छवि पाल, तनु रानी, ज्योति, सोनाली, रीतू, लक्ष्मी, आंचल, आकांक्षा, अंजलि, विशाखा, शालिनी प्रजापति, शैली शर्मा, मुस्कान, ऊषा, गरिमा, निशा, साहिबा सहित बड़ी संख्या में छात्राओं ने प्रदर्शन किया।
छात्राओं का नहीं होने देंगे उत्पीड़न : बालियान
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रालोद विधानमंडल दल के नेता राजपाल बालियान ने कहा कि छात्राओं का उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा। यूनिवर्सिटी से बात की जाएगी। विधानसभा में यह मामला उठाया जाएगा। छात्राओं को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। विधायक ने कुलपति को पत्र लिखा। उधर, रालोद छात्र सभा के जिलाध्यक्ष सार्थक लाटियान ने कहा कि यूनिवर्सिटी को पहल कर समस्या का समाधान करना चाहिए।