- छात्राओं ने गोबर से बनाए बडकुल्ले, गोवर्धन
- ताराचंद वैदिक पुत्री डिग्री कॉलेज में आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। ताराचंद वैदिक पुत्री डिग्री कॉलेज की छात्राओं ने गोबर, फूलों, कागज से उत्पाद तैयार कर ग्रामीण संस्कृति को जीवंत कर दिया। होली पर घर-घर तैयार होने वाले बडकुल्लो को नया अंदाज दिया। फूलों और कागज से उत्पाद बनाकर लोक कलाओं को साक्षात कर दिया।
ताराचंद वैदिक पुत्री डिग्री कॉलेज में भारतीय भाषा संस्कृति एवं लोक कला प्रकोष्ठ के अंतर्गत तीन दिवसीय कार्यशाला में छात्राओं द्वारा तैयार वस्तुओं की प्रदर्शनी लगाई गई। बीए, बीएड, बीकॉम, बीएससी आदि विभागों की छात्राओं ने गोबर से बने बडक़ुल्ले, गोवर्धन, आरकंडी के फूल, कागज के फूल, पुष्प दान और दिवाली, देवउठनी एकादशी, करवा चौथ के अलावा शिल्प व कढ़ाई से संबंधित वस्तुओं का प्रदर्शन किया। प्रदर्शनी का निर्देशन डॉ बबीता शर्मा ने किया।
आयोजक समिति में डॉ शाहिना, भावना गोयल, शिवानी गुप्ता तथा प्रतिभा चौधरी रही। प्राचार्य डॉ संगीता चौधरी ने कहा कि छात्राओं के कार्यों में लोक कला, लोक संस्कृति की झलक दिखाई दे रही है। विभाग की अध्यक्षा डॉ योगिता शर्मा ने कहा कि लोक कलाएं व्यक्ति को बेहतर जीवन जीने की कला सिखाती है। यह अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम भी है। प्रदर्शनी को सफल बनाने में यशू शर्मा, डॉ रितु गर्ग, नीलू राठी, दिव्या हांडा, मानसी गर्ग, इंदु मित्तल आदि का योगदान रहा।