संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। बेसिक शिक्षा के परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत दिव्यांग छात्र-छात्राओं को समुचित शिक्षा व पठन-पाठन का माहौल प्रदान करने के लिए स्पेशल एजुकेटर्स को प्रशिक्षण दिया गया। इन्हें अब मास्टर ट्रेनर की जिम्मेदारी दी गई है। इसके बाद ब्लॉक स्तर पर समेकित शिक्षा के लिए नामित नोडल अध्यापकों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
जिले में 951 परिषदीय विद्यालयों में 4600 दिव्यांग छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। इन्हें शिक्षा देने के लिए 17 स्पेशल एजुकेटर्स को पांच दिवसीय प्रशिक्षण प्रदान किया गया। पांच दिवसीय प्रशिक्षण के समापन पर शनिवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शुभम शुक्ला ने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। साथ ही निर्देशित किया कि दिव्यांग बच्चों का अधिक से अधिक चिह्ननांकन कर उनका विद्यालयों में नामांकन कराएं। नोडल अध्यापक के माध्यम से प्रतिदिन समर्थ ऐप पर उनकी उपस्थिति दर्ज कराएं। प्रशिक्षण के सन्दर्भ दाता व समेकित शिक्षा के जिला समन्वयक सुशील कुमार ने बताया कि पांच दिवसीय प्रशिक्षण में सभी प्रशिक्षार्थियों को क्रॉस डिसेबिलिटी, आईसीटी का प्रयोग, दिव्यांग बच्चों की होम बेस्ड एजुकेशन, दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016, समावेशी शिक्षा की परिकल्पना, दिव्यांग बच्चों की समावेशी शिक्षा सहित 21 प्रकार की दिव्यांगताओं आदि के विषय में जानकारी दी। इस मौके पर धर्मेन्द्र कुमार, रामनिवास, इरशाद और शहजाद अली मौजूद रहे।