मुजफ्फरनगर के पौराणिक शुकतीर्थ में कार्तिक पूर्णिमा पर लाखों श्रद्धालुओं ने मुख्य स्नान किया। सोमवार आधी रात से ही स्नान शुरू हो गया था। महर्षि श्री शुकदेव की तपोभूमि के मंदिरों में दूर-दूर तक श्रद्धालुओं का मेला लगा है।
धार्मिक नगरी में कार्तिक गंगा स्नान और मेले में श्रद्धा, भक्ति और आस्था का संगम लगा है। मंदिरों, शिवालयों और धर्मशालाओं में श्रद्धालुओं का समागम बन है। मुख्य स्नान के लिए सोमवार रात ही श्रद्धालु पहुंचने शुरू हो गए थे। शुकदेव आश्रम, हनुमतधाम, गणेशधाम, शिव धाम, दुर्गा धाम, प्राचीन गंगा मंदिर आदि में भी श्रद्धालुओं का मेला लगा है।
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शुकतीर्थ में 77 साल से उमड़ रहे श्रद्धालु
शुकतीर्थ के जीर्णोद्धारक वीतराग स्वामी कल्याण देव ने वर्ष 1945 में पौराणिक धार्मिक नगरी को जनसुलभ बनाने का महायज्ञ प्रारंभ किया था। बाद में उन्होंने शुकतीर्थ में कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान मेले की शुरूआत की। साल में यहां दशहरा, वैशाखी, शरद चतुर्दशी एवं पितृ विसर्जनी अमावस्या के मेले भी लगते हैं। श्री शुकदेव आश्रम समिति ने साल 1950 में मेले का प्रबंध जिला पंचायत परिषद को सौंप दिया था।