मुजफ्फरनगर/चरथावल। ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट रेल कॉरिडोर का ट्रैक बिछाने का काम पूरा हो गया है। अब खतौली से पिलखनी तक मालगाड़ी के डीजल इंजन का ट्राॅयल 15 अगस्त तक कराने की तैयारी है। विद्युतीकरण और सिगलिंग के कार्य ने रफ्तार पकड़ ली है।
खुर्जा से पिलखनी तक फ्रेट कॉरिडोर को दौड़ाने के लिए कंपनी का ट्रैक का कार्य सोमवार को पूरा हो गया। मुजफ्फरनगर में चार स्टेशन बनाए गए हैं। न्यू मुजफ्फरनगर के नाम से पीनना में स्टेशन तैयार किया गया है। खतौली से केबल और विद्युत लाइन के लिए कार्य चल रहा है। इसी महीने पिलखनी तक डीजल इंजन को दौड़ाया जाएगा। 100 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से मालगाड़ी दौड़ना इस ट्रैक की खासियत है। इंडियन रेल के ट्रैक पर यात्री रेलगाड़ियों के भार से मुक्ति मिलेगी।
- जापान की पटरियों पर दौड़ेगी मालगाड़ी
एल एंड टी कंपनी द्वारा उत्तर रेलवे की अंबाला, मुरादाबाद और दिल्ली मंडल के छह जिलों बुलंदशहर, मुरादाबाद, हापुड़, मेरठ, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर में ट्रैक तैयार किया है। कोलकाता से शाहनेवाल तक 1456 किमी का रेल ट्रैक सोमवार को पूरा फ्रांस और भारत की आधुनिक पटरियों पर मालगाड़ियां दौड़ेंगी। जो वर्तमान ट्रैक से 50 गुणा अधिक क्षमता की हैं। चार स्टेशन बनाए गए हैं।
- दिक्कतों के बावजूद समय से पूरा किया प्रोजेक्ट
रेल कॉरिडोर में जिले की सीमा में कुछ सीमा में विद्युत लाइन और सिग्नल का कार्य शेष है। पीनना और चरथावल क्षेत्र में वायरिंग और सिग्नलिंग का कार्य तेजी से चल रहा है। अक्तूबर में कॉरिडोर पर कॉपर वायरिंग और सिंग्नलिंग का कार्य पूरा हो जाएगा। मेन लाइन के बिजनेस हेड एके सिंह ने बताया निर्माण के दौरान किसान आंदोलन, कोविड सहित कई दिक्कतें आने के बावजूद में कॉरिडोर को समय पूरा किया है।
- छह राज्यों से गुजर रहा कॉरिडोर
ईस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर छह राज्यों से होकर गुजर रहा है। पंजाब में 88 किमी, हरियाणा में 72 किमी, यूपी में 1076 किमी, बिहार में 236 किमी, झारखंड में 199 किमी और पश्चिम बंगाल में 202 किमी की लंबाई होगी। सबसे ज्यादा लंबाई उत्तर प्रदेश में है।
- युवा उद्यमियों को मिलेगा प्रोत्साहन
खतौली से पिलखनी तक अगस्त में डीजल इंजन का ट्रायल होगा। माल को द्रुत गति से पहुंचाया जा सकेगा। युवा उद्यमियों को प्रोत्साहन मिलेगा। करीब 12 से 15 घंटे में साहनेवाल तक कोलकाता तक माल पहुंचेगा। हर माल सुरक्षित रहेगा। ट्रैक पर कोई अवरोध नहीं होगा। कहीं कोई फाटक नहीं बनाया है। हर गांवों में अंडरपास बनाए गए। मालगाड़ी हर स्टेशन पर नहीं रुकेगी। देश की प्रगति और उद्यमिता को बढ़ावा देने में यह प्रोजेक्ट मील का पत्थर साबित होगा। - डाॅ. रमन चौधरी, प्रशानिक प्रोजेक्ट हेड, एलएंडटी कंपनी