मोरना। भोकरहेड़ी कस्बे में आर्य समाज के वार्षिकोत्सव का शुभारंभ देवयज्ञ से हुआ। वैदिक संस्कार चेतना अभियान के संयोजक आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि देश की आजादी में आर्य समाज के योगदान को नहीं भुलाया जा सकता।
महर्षि दयानंद सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में आयोजित आर्य समाज के तीन दिवसीय वार्षिकोत्सव का ध्वजारोहण आचार्य गुरुदत्त आर्य ने किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में ऋषि दयानंद की प्रेरणा से हजारों आर्य समाज के वीरों ने त्याग, संघर्ष और बलिदान से भारत को आजाद कराया था। सामाजिक जनजागरण के लिए राष्ट्र में महर्षि दयानंद जैसा अमूल्य कार्य कोई अन्य नहीं कर पाया।
वैदिक राष्ट्र की रक्षा के लिए पाखंड, अंधविश्वास, कुरीतियों को त्यागना होगा। शाकाहार, योग अपनाए। स्वामी सत्यवेश ने कहा कि युवा आर्य समाज से जुड़े। यज्ञ ब्रह्म सुरेंद्र आर्य ने कहा कि यज्ञ संस्कृति के प्राण है। भजनोपदेशिका संगीता आर्या ने कहा कि संस्कृति और संस्कारों से ही जीवन उज्ज्वल बनता है।
उन्होंने भजनों ने द्वारा देशभक्ति और आचरण का संदेश दिया। सोमपाल आर्य, मदन पाल आर्य, देवपाल, ब्रजपाल, संजीव कुमार आर्य, रणधीर आर्य, आनंद पाल सिंह आर्य, ईश्वर सिंह, सोमपाल सिंह, मांगेराम आर्य, प्रधानाचार्य सुशील कुमार, ओम प्रकाश आर्य, प्रमोद आर्य, कंवर पाल शास्त्री, ओमवीर, महाशय वीर सिंह आदि मौजूद रहे।