संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। जिले में फाइलेरिया के लिए नाइट ब्लड सर्वे के बाद अब माइक्रो जांच में चार लोग संक्रमित मिले। शहर स्थित दो अलग-अलग कॉलोनियों के चार लोगों की जांच में संक्रमण की पुष्टि हुई है। विभाग की ओर से अब उनके परिवार के अन्य लोगों की ब्लड स्लाइड बनाई जाएगी।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिव्या वर्मा और जिला मलेरिया अधिकारी अलका सिंह के नेतृत्व में माइक्रो फाइलेरिया के लिए नाइट ब्लड सर्वे किया गया था। एक सप्ताह तक रात आठ बजे के बाद गांव-गांव जाकर 20 साल से अधिक आयु के लोगों की ब्लड स्लाइड बनाई गई। जिला मलेरिया अधिकारी अलका सिंह ने बताया कि ब्लड स्लाइड की माइक्रो जांच की गई तो उसमें रामपुरी के तीन और मल्हूपुरा का एक व्यक्ति संक्रमित पाया गया। उन्होंने कहा कि अब इनके परिवार वालों की भी ब्लड स्लाइड बनाई जाएगी।
इन जगहों पर हुआ था नाइट ब्लड सर्वे
जिला मलेरिया अधिकारी अलका सिंह ने बताया कि 20 जगहों पर नाइट ब्लड सर्वे किया गया। इनमें चरथावल देहात, नावला, कुरथल, बघरा, हरिनगर, वहलना, शाहपुर, मोरना, मल्हूपुरा, दधेडू कलां, गालिबपुर, बडकता, सैदपुर, बसेड़ा, मखियाली, मोहल्ला गंज, काकड़ा, कवाल, चौरावाला, रामपुरी शामिल हैं।
क्यूलेक्स मच्छर से होता है फाइलेरिया
जिला मलेरिया अधिकारी अलका सिंह ने बताया कि फाइलेरिया बीमारी क्यूलेक्स मच्छर से होती है। यह मच्छर गंदे पानी में पनपता है। इसके काटने से शरीर में वुचेरेरिया बैनक्रॉफ्टी नाम का परजीवी प्रवेश कर जाता है। फाइलेरिया होने से व्यक्ति के शरीर में खुजली और फीवर की समस्या हो जाती है। इसके अलावा पुरुषों में प्रजनन तंत्र के आसपास दर्द और सूजन की दिक्कत आ सकती है।