प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निरीक्षण के दौरान मिली खामियां पर की गई कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। प्रदूषण का कारण बन रहीं जिले की चार फैक्टरियों को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सील कर दिया। प्रतिबंध के बावजूद एक फैक्टरी में कोयले का प्रयोग मिला। निरीक्षण के दौरान मिली खामियों के आधार पर फैक्टरियों पर यह कार्रवाई की गई है।
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम के भ्रमण के दौरान एडब्ल्यूएफ कलेक्शन शेरनगर, एसके कलेक्शन शेरनगर मेरठ-बाईपास रोड और चौधरी कलेक्शन शेरनगर पर मानकों को पूरा नहीं किया जा रहा था। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी अंकित सिंह ने बताया कि टीम ने तीनों फैक्टरियों को सील कर दिया है।
इसके अलावा लोहा उद्योग वहलना स्टील एंड एलॉयज प्राइवेट लिमिटेड वहलना मेरठ रोड में प्रतिबंधित ईंधन कोयला का प्रयोग मिलने एवं वायु प्रदूषण नियंत्रण संयंत्र संचालित ना पाए जाने पर इंडक्शन फर्नेस एवं रिहीटिंग फर्नेस को सील लगाकर उत्पादन प्रक्रिया को बंद किया गया।
क्षेत्रीय अधिकारी अंकित सिंह ने कहा कि किसी भी उद्योग ने बाईपास करते हुए अशुद्धिकृत उत्प्रवाह को नाले या नदी में डाला तो उसके खिलाफ बिना किसी पूर्व सूचना के तत्काल बंदी की कार्रवाई की जाएगी।
अस्वीकृत ईंधन के इस्तेमाल पर होगी कार्रवाई
क्षेत्रीय अधिकारी अंकित सिंह ने कहा कि कोई भी नियमों का उल्लंघन करता है और अस्वीकृत ईंधन का इस्तेमाल करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उद्योग संचालकों को निर्देशित किया गया है कि समस्त उद्योगों को राज्य बोर्ड से निर्गत सहमति में आयोग के निर्देशानुसार स्वीकृत ईंधन को संशोधित कराया जाना आवश्यक है।
हिंडन नदी को प्रदूषित कर रहा था फैक्टरियों का पानी
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अंकित सिंह ने बताया कि तीनों फैक्टरियों का प्रदूषित पानी सीधा धंधेड़ा नाले में जा रहा था। यह नाला काली नदी से जुड़ा है और काली नदी का पानी हिंडन नदी में जाता है। ऐसे में तीनों फैक्टरियां हिंडन नदी को प्रदूषित करती पाई गई। इस कारण विभाग ने तीनों फैक्टरियों को सील किया है।