मुजफ्फरनगर। घरेलू हिंसा, उत्पीड़न और बिना तलाक दिए दूसरी शादी करने के मामले में पति समेत चार आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त करार दिया गया। । अपर जिला एवं सत्र न्यायालय/फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-3 के पीठासीन अधिकारी रवि कुमार दिवाकर ने फैसला सुनाया। थाना सिविल लाइन के अंतर्गत आने वाले मोहल्ला जनकपुरी निवासी नताशा ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पीड़िता का कहना था कि उसकी शादी 10 अक्तूबर 2023 को देवबंद के तल्हेड़ी निवासी लाखन के साथ संपन्न हुई थी। आरोप लगाया गया कि मांग पूरी न होने पर यातनाएं दी गईं। आरोप था कि उसके पति ने गले की चुनरी से उसका गला घोंटकर उसे जान से मारने की कोशिश की। पति पर दूसरी शादी रचाने का आरोप लगाया गया। पुलिस ने लाखन समेत चार आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया। अदालत में वादी और अन्य गवाह पक्षद्रोही हो गए। साक्ष्य के अभाव में पति लाखन और अन्य चारों आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया गया। ब्यूरो