मुजफ्फरनगर। सहारनपुर एटीएस और मुजफ्फरनगर एसओजी टीम ने शहर कोतवाली क्षेत्र में काली नदी पुल के पास से पूर्व नेशनल एथलीट और उसके साथी को 77500 रुपये के नकली नोट के साथ गिरफ्तार कर लिया। उनसे दो मोबाइल, तीन एटीएम कार्ड व एक बाइक भी बरामद की गई। दोनों आरोपी नकली नोटों को बाजार में खपाने का धंधा करते थे।
एसपी सिटी सत्य नारायण प्रजापत ने पुलिस लाइन सभागार में बताया कि सहारनपुर एटीएस टीम ने एक इनपुट मिलने के बाद एसओजी टीम के साथ मंगलवार देर रात दबिश दी। इस दौरान नकली नोटों को बाजार में खपाने वाले गिरोह के दो सदस्यों को काली नदी पुल के पास से गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपी बाइक लेकर खड़े थे। बाइक के अलावा उनके पास से 500 रुपये के 155 नकली नोट, दो मोबाइल, एक पैनकार्ड, एक आधार कार्ड, एक ड्राइविंग लाइसेंस, तीन एटीएम कार्ड मिले। आरोपियों की पहचान सिविल लाइन क्षेत्र के पंजाबी नुमाइश कैंप निवासी फुलेंद्र उर्फ कोच और सहारनपुर के थाना सरसावा के गांव नवादा निवासी सद्दाम के रूप में हुई जबकि थाना रतनपुरी के गांव हुसैनाबाद निवासी सलीम व उसका साथी मुजम्मिल फरार हैं।
उन्होंने बताया कि बरामद नोटों की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी। उनके बरामद मोबाइलों की भी फोरेंसिक जांच करा कर डाटा एकत्र कर जानकारी जुटाई जाएगी कि दोनों आरोपी किन किन के संपर्क में थे। उन्होंने अपने मोबाइल के व्हाट्स एप से डाटा डिलीट किया हुआ है।
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500 के बदले देते थे एक हजार
एसपी सिटी ने बताया कि गिरफ्तार दोनों युवक थाना रतनपुरी के गांव हुसैनाबाद भनवाड़ा निवासी सलीम व उसके साथी मुजम्मिल से नकली नोट लेकर आते थे। वह दोनों नकली नोटों को बाजार में खपाने का काम करते थे। वह 500 रुपये के बदले 1000 रुपये देते थे।
असली दिखा कर देते थे नकली
एसपी सिटी ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपियों का कहना था कि जिन लोगों को वह नोट देते थे उन्हें असली नोट दिखाते थे । बाद में सलीम व मुजम्मिल से लाकर नकली नोट दे देते थे। सलीम व मुजम्मिल दोनों अभी फरार है। वह नकली नोट कहां से लाते थे। उनकी गिरफ्तारी पर ही यह राज खुलेगा। आरोपी नोटों के नंबरों में भी ओवर राइटिंग करते थे।
800 मीटर दौड़ का पूर्व नेशनल खिलाड़ी है फुलेंद्र
एसपी सिटी ने बताया कि गिरफ्तार फुलेंद्र नई मंडी कोतवाली के गांव पचैडा का मूल निवासी है। वह नुमाइश कैंप में रह रहा था। वह 800 मीटर दौड़ का पूर्व नेशनल खिलाड़ी बताया गया है। वह मुजफ्फरनगर स्टेडियम में अभ्यास करता था। जूनियर खिलाड़ी उसे कोच कहकर बुलाते हैं। वहीं जिला क्रीड़ाधिकारी लक्ष्यराज त्यागी ने बताया कि गिरफ्तार फुलेंद्र उर्फ कोच नाम का व्यक्ति वर्तमान या पहले कभी चौधरी चरण सिंह स्पोर्ट्स स्टेडियम में एथलेटिक्स कोच के पद पर नहीं रहा हैं।