-2022 में खतौली सीट से हार गए थे विधानसभा का चुनाव
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। रालोद नेता एवं पूर्व सांसद राजपाल सैनी ने भी भाजपा का दामन थामने की तैयारी कर ली है। सियासी गलियारों में चर्चा आम है कि वह 24 जुलाई को लखनऊ में रालोद छोड़कर भाजपा में शामिल होंगे। वह बसपा से एक बार विधायक, मंत्री और राज्यसभा सांसद रह चुके हैं।
करीब ढाई दशक से जिले की राजनीति में सक्रिय राजपाल सैनी लंबे समय तक बहुजन समाज पार्टी में सक्रिय रहे। 2002 में मोरना विधानसभा सीट से सपा के संजय चौहान को हराकर पहली बार विधानसभा पहुंचे और सरकार में मंत्री बने थे लेकिन 2007 के चुनाव में रालोद के टिकट पर चुनाव लड़े कादिर राना के सामने हार का सामना करना पड़ा था। राजपाल ने लोकसभा चुनाव भी लड़ा लेकिन जीत नहीं सके। इसके बाद उन्हें राज्यसभा सदस्य बनाया गया था।
वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने अपने बेटे शिवान सैनी को बसपा के टिकट पर खतौली से चुनाव लड़ाया, लेकिन तीसरे स्थान पर रहे। भाजपा के टिकट पर विक्रम सैनी ने यह चुनाव जीता था। विधानसभा चुनाव 2022 से पहले उन्होंने बसपा छोड़ दी थी। खतौली सीट से रालोद ने राजपाल सैनी को प्रत्याशी बनाया, जबकि वह अपने बेटे को चुनाव लड़ाना चाहते थे। चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। खतौली सीट के उपचुनाव में भी वह गठबंधन से टिकट के दावेदार थे लेकिन रालोद ने मदन भैया पर दांव लगाया। खतौली से मदन भैया चुनाव जीत गए।
लोकसभा चुनाव से पहले बदले माहौल में अब उनके भाजपा में शामिल होने की चर्चा शुरू हो गई है। लखनऊ में सहारनपुर के नेताओं के साथ वह भाजपा का दामन थाम सकते हैं। पूर्व सांसद राजपाल सैनी ने हालांकि अभी पुष्टि नहीं की है और वह चुप्पी साधे हुए हैं लेकिन अपने समर्थकों को लखनऊ जाने के लिए आमंत्रित करते देखे जा रहे हैं।
भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष सतेंद्र सिसोदिया ने बताया कि राजपाल सैनी के भाजपा में शामिल होने की संभावना है।