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Muzaffarnagar News: विवादित पत्र के मामले में 25 साल बाद पूर्व डीएम चौबे ने किया सरेंडर

Tue, 30 May 2023 01:03 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
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मुजफ्फरनगर। जाट और मुस्लिमों को लेकर लिखी गई विवादित चिट्ठी के करीब 25 साल बाद गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद तत्कालीन डीएम विनोद शंकर चौबे ने ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट द्वितीय अमन शुक्ला की कोर्ट में सरेंडर कर दिया। अदालत ने उन्हें जमानत दे दी है। प्रकरण की अगली सुनवाई 12 जून को होगी।
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जिले के डीएम रहे विनोद शंकर चौबे ने 25 नवंबर 1998 को प्रमुख सचिव को जाट और मुस्लिम समाज को लेकर विवादित पत्र लिखा था। मामला खूब सुर्खियों में रहा। अधिवक्ता ज्ञान कुमार ने 19 मार्च 1999 को प्रकरण में डीएम समेत तीन लोगों के खिलाफ वाद दायर कराया गया था। आरोपी पक्ष ने हाईकोर्ट से स्टे ले लिया था। स्टे हटने के बाद जेएम द्वितीय ने सेवानिवृत्त हो चुके तत्कालीन डीएम के गैर जमानती वारंट जारी कर दिए थे।

सोमवार को विनोद शंकर चौबे ने अदालत में सरेंडर कर दिया। बचाव पक्ष ने जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल किया। अदालत ने जमानत दे दी है। उधर, वादी ज्ञान कुमार एडवोकेट ने इस मामले में हाईकोर्ट तक पैरवी की।
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-यह था मामला
डीएम रहने के दौरान विनोद शंकर चौबे ने प्रमुख सचिव को पत्र लिखा था कि जिले में जाट और मुस्लिम अधिकारी को नहीं भेजा जाना चाहिए। अगर भेजा जाता है तो पूरी तरह निष्ठा की जांच होनी चाहिए। यहां तक दावा किया था कि जिले में दोनों बिरादरियों के लोग ही अधिक अपराध करते हैं। सांप्रदायिकता की भावना का भी जिक्र किया गया था।

- वादी ने कहा कि जाटों ने ऊंचा किया नाम
वादी ज्ञान कुमार एडवोकेट का कहना था कि जाट समाज ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मुजफ्फरनगर का नाम रोशन किया है। उन्होंने खेल, शिक्षा, चिकित्सा और विभिन्न नौकरियों में देश सेवा करने वाले लोगों के उदाहरण भी मुकदमा दर्ज कराने के दौरान दिए थे।
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