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संवाद न्यूज एजेंसी
खतौली। आचार्य भारत भूषण महाराज ने कहा कि हमें समाज में परस्पर मैत्री भावना का विकास करना है। क्षमा आत्मा की शुद्धि और वीरता से उत्पन्न होती है।
कानूनगोयान स्ट्रीट भगीरथी जैन मंदिर में जैन मिलन महावीर खतौली के तत्वावधान में विश्व मैत्री सम्मेलन एवं क्षमावाणी का पर्व मनाया गया। जैन संत ने कहा कि हमें बैर भाव की ग्रंथि नहीं बांधनी चाहिए। परस्पर में मतभेद का कारण दूसरे व्यक्ति से अपेक्षा करना है। क्षमाशील व्यक्ति सदैव स्वस्थ व तनाव रहित रहते हैं। क्षमा भाव से हृदय में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। भगवान महावीर ने संपूर्ण विश्व को अहिंसा व शांति का पाठ सिखाया। क्षमा भाव जीवन में मैत्री का विकास करता है। क्षमा भाव से जीवन में मधुरता आती है। अपेक्षा की पूर्ति न होने पर हमारे मन में दूसरे के प्रति बैर व क्रोध आता है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पारस जैन पूर्व पालिका चेयरमैन रहे। संयोजन सुनील ठेकेदार, विपिन अरिहंत ने संयुक्त रूप से किया। अध्यक्षता मुकेश जैन, संचालन डाॅ. ज्योति जैन ने किया। इस अवसर पर सुनील, शीलचंद, सुधीर, सुरेंद्र, अंजलि, सुषमा, सुधा, राजरानी, सुमन, राकेश, नीरज जैन प्रवक्ता उपस्थित रहे।