फैसले के विरुद्ध वन विभाग ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की, जिन्हें 30 अप्रैल 2007 को खारिज कर दिया गया। विभाग ने इस्लाम को कर्मचारी नहीं माना और लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी। हाईकोर्ट ने 25 अप्रैल 2023 को कर्मचारी को विनियमित करने के आदेश जारी किए। कर्मचारी ने 15 मई और 17 जून को विभाग में प्रत्यावेदन किया। हाईकोर्ट के आदेशों के विभाग पर अवमानना का आरोप लगाते हुए प्रार्थना पत्र दिया।
मुख्य वन संरक्षक प्रशासन लखनऊ ने हाईकोर्ट के आदेशों का पालन नहीं करने वाले लिपिक से स्पष्टीकरण मांगा। अब डीएफओ कन्हैया पटेल ने आदेश जारी कर मोहम्मद इस्लाम को 12 सितंबर 2012 से 30 जून 2023 तक विनियमित कर दिया। लंबी कानूनी और विभागीय लड़ाई के दौरान ही कर्मचारी की सेवानिवृत्त होने की आयु पूरी हो चुकी है। लगभग 12 साल तक कर्मचारी को नौकरी से बाहर रखा गया।
नियमों से दिया जाएगा लाभ : कन्हैया पटेल
सामाजिक वानिकी प्रभाग के प्रभागीय निदेशक कन्हैया पटेल का कहना है कि मोहम्मद इस्लाम को विभागीय नियमों के अनुसार विनियमितीकरण के आदेश जारी किए गए हैं। विभाग के नियमों के अनुसार उन्हें लाभ प्रदान किए जाएंगे।
हक के लिए किया लंबा संघर्ष : इस्लाम
सरवट निवासी मोहम्मद इस्लाम का कहना है कि हक पाने के लिए उसने लंबा संघर्ष किया। विभागीय और कानूनी लड़ाई लड़ी। हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब उम्मीद है कि उन्हें विभाग के नियमों का लाभ मिलेगा।