- चीनी मिलें इथेनॉल के लिए बना चुकी है 200 लाख क्विंटल बी हैवी शीरा
- केंद्र सरकार के निर्णय से डरी मिलों ने खुद ही बंद किया उत्पादन
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। जिले की आठ में से पांच चीनी मिल इथेनॉल के लिए बी हैवी शीरा बना रही थी। केंद्र सरकार के निर्णयों से प्रभावित होकर पांचों चीनी मिलों ने इथेनॉल के लिए तैयार होने वाले बी हैवी शीरे का उत्पादन बंद कर दिया है। जनपद की पांचों चीनी मिल अब तक 200 लाख 26 हजार क्विंटल बी हैवी शीरे का उत्पादन कर चुकी हैं।
पिछले दिनों देश में चीनी उत्पादन में कमी आने के चलते केंद्र सरकार ने गन्ने के रस से सीधे इथेनॉल बनाने पर रोक लगा दी है। महाराष्ट्र में कुछ फैक्ट्रियां इस तरह से इथेनॉल बना रही थी। यूपी में गन्ने का क्षेत्रफल और उत्पादन दोनों बढ़े हैं। यहां गन्ने के स्थान पर चीनी मिले बी हैवी शीरे का उत्पादन कर इथेनॉल बना रही थी। केवल .5 प्रतिशत चीनी का प्रयोग ही बी हैवी शीरा बनाने में हो रहा था।
केंद्र सरकार के निर्णयों को देखते हुए चीनी मिलों के अपने यहां जमा इथेनॉल के स्टॉक को लेकर ही संकट नजर आ रहा है। इस सीजन में जिले की पांच चीनी मिले खतौली, मंसूरपुर, तितावी, रोहाना, खाईखेड़ी 200 लाख 26 हजार क्विंटल बी हैवी शीरे का उत्पादन कर चुकी हैं। स्टॉक फंस न जाए इसे देखते ही जिले की सभी पांचों चीनी मिलों ने इथेनॉल के लिए तैयार होने वाले बी हैवी शीरे का उत्पादन बंद कर दिया है।
चीनी मिल बी हैवी शीरा उत्पादन
खतौली 86.26 लाख क्विंटल
तितावी 29.11 लाख क्विंटल
मंसूरपुर 48.44 लाख क्विंटल
खाईखेड़ी 22.23 लाख क्विंटल
रोहाना 14.22 लाख क्विंटल
कुल उत्पादन 200.26 लाख क्विंटल
केवल चीनी का हो रहा निर्माण
जिला गन्ना अधिकारी संजय सिसोदिया का कहना है कि जिले की पांच चीनी मिलों ने इथेनॉल के लिए बी हैवी शीरे का उत्पादन बंद कर दिया है। अब समस्त रस से चीनी का निर्माण हो रहा है। अभी केंद्र सरकार ने चीनी मिलों पर रोक नहीं लगाई है, चीनी मिलों ने एहतियात के तौर पर पहले ही उत्पादन बंद कर दिया है। इथेनॉल को पेट्राेल में मिलाया जा रहा था और इसकी खरीद पेंट्रोलियम कंपनी कर रही थीं।