- पेंशनरों के बनेगें राशन कार्ड, अपात्र होंगे बाहर
- तहसील एवं ब्लाक स्तरीय कार्मिकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। जनपद में एक परिवार एक पहचान योजना के अंतर्गत तहसील एवं ब्लाक स्तरीय कार्मिकों को प्रशिक्षण दिया। एडीएम वित्त अरविंद मिश्रा ने कहा कि एक परिवार एक पहचान को फैमिली आईडी बनेगी।
जिला पंचायत सभागार में एडीएम वित्त अरविन्द कुमार मिश्र और मास्टर ट्रेनर ई-डिस्ट्रक्टि मैनेजर प्रिंस जैन ने प्रशिक्षण दिया। प्रदेश में निवासरत परिवारों के लिए एक परिवार एक पहचान योजना की शुरुआत की गई है। करीब 3.51 करोड़ परिवार व 14.92 करोड़ व्यक्ति राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ ले रहे हैं।
इन परिवारों की राशन कार्ड संख्या ही फैमिली आईडी होगी। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में आच्छादित न होने वाले ऐसे परिवार जिनके राशन कार्ड नही बने है, उन्हें फैमिली आईडी पोर्टल के माध्यम से फैमिली आईडी नंबर उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए फैमिली आईडी नंबर के जरिए लाभ दिलाया जा सकें।
एडीएम अरविंद मिश्रा ने कहा कि फैमिली आईडी पंजीयन के लिए परिवार के सभी सदस्यों का आधार मोबाइल नंबर से लिंक होना चाहिए। परिवार के पास राशन कार्ड उपलब्ध नहीं है तो फैमिली आईडी पोर्टल पर आवेदन द्वारा मोबाइल नंबर व आधार संख्या दर्ज करने पर मैसेज प्रदर्शित होगा कि आप के परिवार की फैमिली आईडी उपलब्ध नहीं है ओटीपी डालने के बाद सदस्य का नाम जन्मतिथि वर्ष लिंग व पिता के संरक्षक का नाम खुद प्रदर्शित होगा।