संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। करीब 11 साल पहले निरगाजनी के कर्मचंद की हत्या के मामले में कोर्ट में फर्जी गवाह पेश कर दिए गए। मुकदमे के वादी व मृतक की पत्नी व बेटे (तीनों गवाह) के स्थान पर अन्य लोगों की कोर्ट में गवाही कराई गई। विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट के पीठासीन अधिकारी जमशेद अली के आदेश पर अज्ञात लोगों के खिलाफ थाना सिविल लाइन में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
भोपा क्षेत्र के गांव निरगाजनी निवासी कर्मचंद (50) की 26 अप्रैल 2011 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक के भाई कर्मवीर ने गांव के ही मदन, शिव चरण, प्रेम, पाला, जुग्गा, अमरेश, धनपाल, रमेश, शालू, गुलशन, बॉबी, फूलमती, के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। जांच में शिवचरण, पाला, जुग्गा की नामजदगी गलत पाई गई थी। अमरेश, धनपाल, रमेश को छह जुलाई 2022 को स्पेशल कोर्ट ने आजीवन कारावास और 15-15 हजार के जुर्माने की सजा सुनाई थी। तीनों आरोपी जेल में थे।
इनके स्थान पर कराई दूसरे की गवाही
वादी मृतक के भाई कर्मवीर व मृतक की पत्नी राजेश व बेटा मोनू मुकदमे के गवाह थे। बताया गया कि इनके स्थान पर आरोपी पक्ष ने दूसरे फर्जी लोगों की गवाही करा दी जिन्होंने आरोपों का समर्थन नहीं किया। कोर्ट के संज्ञान लेने पर जांच कराई गई तो मामला पकड़ में आया।