गांव सिकंदरपुर में 27 जुलाई को प्रधान के घर पर की गई थी फायरिंग
पुलिस की तीन टीमें इस प्रकरण में जुटी, अभी तक नहीं मिली सफलता
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। गांव सिकंदरपुर में पूर्व प्रधान और प्रधान के घर फायरिंग करने के मामले में चार दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली है। अभी तक पुलिस फायरिंग करने वाले युवकों की सही तरह से पहचान भी नहीं कर सकी है। पुलिस की तीन टीमें इस प्रकरण की जांच में जुटी है।
27 जुलाई की रात भोपा क्षेत्र के गांव सिकंदरपुर में पूर्व प्रधान मैनपाल सिंह और पुत्रवधु व प्रधान कोमल के घर पर पुलिस सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी में आधा दर्जन बदमाशों ने फायरिंग की थी। पुलिस ने 30 खोखे बरामद किए थे। इस मामले में गांव के ही गोलू उर्फ रोबिन, अक्षय, आयुष सहित छह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।
एसएसपी ने थाना प्रभारी को लापरवाह मानते हुए निलंबित कर दिया था। चार दिन बीतने के बाद भी पुलिस घटना के किसी भी आरोपी को पकड़ना तो दूर उनका सुराग तक नहीं लगा सकी। सीओ रामाशीष यादव ने बताया कि हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
प्रधान को किया था आगाहा, अधिकारियों को सौंपी मोबाइल की ऑडियो
भोपा। पूर्व प्रधान के घर पर फायरिंग करने वाले मुख्य आरोपी के एक रिश्तेदार ने प्रधान को फोन पर पहले ही घटना होने का अंदेशा जाहिर करते हुए सूचना दी थी। पुलिस अधिकारियों ने इस संबंध में प्रधान के मोबाइल में मौजूद ऑडियो को भी अपनी जांच में शामिल कर लिया हैं। पुलिस ने कई लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया हैं। सीओ रामाशीष यादव ने प्रधान के घर पहुंचकर सुरक्षा को परखा। प्रधान संगठन के कार्यकर्ताओं ने भी जानकारी ली। परिजनों को प्रधान की कार से भी एक गोली मिली है।
आरोपी ने फेसबुक पर वायरल की वीडियो, बताया निर्दोष
भोपा। घटना के एक आरोपी सिकंदरपुर निवासी अभिशांत ने फेसबुक पर एक वीडियो वायरल कर खुद को निर्दोष बताया हैं। प्रधान ने उसे फंसाया हैं। बताया कि मैनपाल और गोलू का कोर्ट में मामला चल रहा है। मैनपाल चाहता है कि गोलू की तरफ से कोई कार्रवाई ना करें। इस उद्देश्य से उसे फंसाया गया। प्रधान मैनपाल का कहना है कि अभिशांत घटना की प्लानिंग करने में शामिल हैं।