विकास की बात:
- जिले में ओपन तार बदलने, जर्जर तार हटाने का कार्य जारी
- प्रदेश सरकार ने योजना के क्रियान्वयन के लिए 200 करोड़ जारी किए
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। बिजली के खुले तारों के कारण होने वाले हादसों और कटिया के माध्यम से होने वाली बिजली चोरी रोकने को सरकार ने पहल की है। नंगे तार की जगह केबल डालने का जिले में अभियान चल रहा है। इसके लिए सरकार ने 200 करोड़ जारी किए हैं।
जिले में बिजली चोरी की शिकायतें प्रारंभ से ही रही है। कुछ लाइनों पर 30 से 40 प्रतिशत तक का लाइनलॉस रहा है। बिजली चोरी रोकने के लिए शासन स्तर से ही लगातार मंथन होता रहा है। बिजली चोरी का कारण यह रहा है कि कुछ स्थानों पर लोग अपने घर के सामने के नंगे तार पर कटिया डालकर बिजली चोरी करते रहे हैं। कई बार ये ओपन तार हादसों का बड़ा कारण भी बनते रहे हैं। नंगे तार के कारण हादसों का शिकार भी होना पड़ता है।
बिजली विभाग ने पूरे जिले में नंगे तार हटाने का अभियान चलाया है। प्रदेश सरकार ने इसके लिए 200 करोड़ जारी किया है। इस अभियान में ओपन तार हटाकर बंद केबल लगाया जा रहा है। इससे बिजली चोरी और हादसे का डर खत्म हो रहा है। इसी के साथ कुछ स्थानों पर जर्जर तार भी बदले जा रहे हैं। गांवों में सिंचाई और घर की बिजली अलग-अलग की जा रही है। एसई नगर एसके अग्रवाल का कहना है कि कार्य तेजी के साथ चल रहा है।
हमने 30 प्रतिशत कार्य पूरा कर दिया
अधीक्षण अभियंता नगर एसके अग्रवाल का कहना है कि विद्युत विभाग का पूरा प्रयास है कि लाइनलॉस कम किया जाए। बिजली चोरी हर हाल में रोकी जाए। ओपन तारों के कारण होने वाले हादसे भी रुके। इसी के चलते ओपन तार के स्थान पर केबल डालने का अभियान पूरे जिले में चल रहा है।