देवबंद। यूपी के मदरसों के सम्मेलन में दीनी तालीम के साथ साथ दुनियावी तालीम को लेकर भी जोर दिया गया।
जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना सैयद अरशद मदनी ने कहा कि कुछ सालों में मदरसों की बड़ी कक्षाओं में प्रवेश लेने के लिए हाईस्कूल का सर्टिफिकेट जरूरी होगा। इसलिए सभी मदरसों के जिम्मेदार अपने यहां हाईस्कूल तक की तालीम की व्यवस्था करें। मौलाना मदनी ने कहा कि यह व्यवस्था इसलिए कराई जा रही है ताकि दारुल उलूम से मौलवियत की डिग्री लेकर जाने वाला छात्र अपनी दुनियावी तालीम को आगे फिर से जारी रख सके और वह डॉक्टर, इंजीनियर और वैज्ञानिक बन सकें। वहीं, संभावना जताई गई है कि वर्ष 2023 में यह व्यवस्था दारुल उलूम और उसके पांच साल बाद सभी मदरसों (दारुल उलूम से संबद्ध) में लागू की जा सकती है।