मुजफ्फरनगर। सपा नेता एवं पूर्व नगर अध्यक्ष राशिद सिद्दीकी की रुड़की रोड स्थित अयान आइस फैक्टरी पर विद्युत विभाग की रेड में 46 किलोवाट की बिजली चोरी पकड़ी गई। मौके पर अतिरिक्त केबल से सीधे बिजली का प्रयोग मिला। आरोप है कि राशिद और उसके बेटे ने विद्युत विभाग की कार्रवाई में बाधा डालने का प्रयास किया। दिल का दौरा पडऩे की बात तक कही गई। अमोनिया गैस तक का रिसाव कर डाला। रुड़की रोड के एसडीओ ने राशिद के बेटे अयान पर बिजली चोरी का मुकदमा दर्ज कराया है।
मंगलवार रात एक बजकर 25 मिनट पर मेरठ से आए अधिशासी अभियंता रेड धीरेंद्र कुमार के नेतृत्व में टीम ने रुड़की रोड की अयान आइस फैक्टरी में चेकिंग की। परिसर में चेकिंग में पाया कि सपा नेता राशिद सिद्दीकी के बेटे अयान ने तीन फेस कम्प्रेसर और कूलिंग ट्यूब उपकरण चला रखे हैं। मेन मीटर की इनकमिंग एवं आउटगोइंग केबल के मात्र एक फेस पर करंट 6.1 एमपियर प्रवाहित है। कम्प्रेसर व कूलिंग ट्यूब उपकरणों को चलाने के लिए विद्युत का प्रयोग अतिरिक्त केबल से किया जा रहा है।
मौके पर मौजूद सतीश ने चेकिंग में बार-बार बाधा उत्पन्न करने का प्रयास किया। सूचना पर पहुंचे सपा नेता राशिद सिद्दीकी और उनके बेटे अमन ने वीडियोग्राफी करने से रोका। राशिद ने हार्ट की समस्या बताई। अतिरिक्त केबल उतारते समय व्यवधान डालने के लिए अमोनिया गैस का रिसाव कर दिया। इसके बाद भी टीम की कार्रवाई जारी रही। विद्युत चोरी की पुष्टि के लिए मौके पर मेन व पोल मीटर की एमआरआई भी कराई गई।
रुड़की बिजली घर के अवर अभियंता विजय कुमार कुशवाहा की ओर से थाना एंटी पावर थेफ्ट में भारतीय विद्युत अधिनियम 2003 के अंतर्गत धार 135-1ए में मुकदमा दर्ज किया गया है। एसई नगर एसके अग्रवाल ने बताया कि अयान सिद्दीकी के यहां 46 किलोवाट की बिजली चोरी पकड़ी गई है। उनसे 45 लाख की वसूली की जाएगी।
टीम में ये रहे शामिल
अधिशासी अभियंता रेड धीरेंद्र कुमार, एसडीओ विजय कुमार कुशवाहा, एसडीओ इंद्रपाल सिंह, एई प्रवर्तन दल हापुड़ एससी यादव, सहायक अभियंता मीटर मुकेश मुकीम, एसडीओ मीटर रमनजीत सिंह, प्रभारी प्रवर्तन दल हापुड़ शफीक अहमद, पुलिस कर्मी मुनाजिब, लवलेश, सुमित, नीरज और जिले की प्रवर्तन दल की टीम के महेशपाल सिंह, सपना रानी, इरशाद, शोएब, फारुक, शेरसिंह राणा शामिल रहे।
बिजली चोरी में सपा सरकार में रहे चर्चाओं में
सपा नेता राशिद सिद्दीकी के यहां सपा सरकार लगे छापे के दौरान एक करोड़ से अधिक की बिजली चोरी पकड़ी गई थी। उस समय बिजली चोरी पकड़ने वाले अधिकारी को ही हटा दिया गया था। सपा सरकार में पूरे मामले में लीपा पोती की गई। 2010 से बिजली चोरी का उनका यह खेल अभी तक चल रहा था।