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इलेक्ट्रिक ट्रेनों को मिली हरी झंडी

Sun, 13 Mar 2016 12:42 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
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inspection - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मुजफ्फरनगर। मेरठ-सहारनपुर के बीच इलेक्ट्रिक ट्रेनों का संचालन इसी माह के अंत तक हो सकता है। ऐसा होने पर यह स्थानीय यात्रियों के लिए रेलवे की ओर से होली का तोहफा हो सकता है।
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  कमिश्नर रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) शैलेश कुमार पाठक ने शनिवार को मेरठ से लेकर पटरी तक इस ट्रैक और स्टेशनों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि ट्रैक इलेक्ट्रिक ट्रेनों के संचालन के लिए क्लियर है। वह रविवार को अपनी रिपोर्ट उत्तर रेलवे को सौंप देंगे। अब उत्तर रेलवे कभी भी इस ट्रैैक पर इलेक्ट्रिक रेल का संचालन कर सकता है।
  मेरठ-सहारनपुर के बीच इलेक्ट्रिक ट्रेन चलाने के लिए बीते चार साल पहले कार्य शुरू हुआ था। करीब डेढ़ साल पहले इलेक्ट्रीफिकेशन का कार्य पूरा हो गया था, मगर अभी तक इलेक्ट्रिक ट्रेन का संचालन नहीं हो पाया है। 
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  अब उत्तर रेलवे इस ट्रैक पर बिजली की रेलों के संचालन के प्रति गंभीर दिखाई दे रहा है। तीन माह पहले रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा भी यहां आकर जल्द बिजली की रेलों के संचालन का आश्वासन दे गए थे। इसी क्रम में शनिवार को कमिश्नर रेलवे सेफ्टी शैलेश कुमार पाठक ने अपनी टीम और रेलवे अधिकारियों के साथ इस ट्रैक का मेरठ से लेकर टपरी तक निरीक्षण किया। मुजफ्फरनगर स्टेशन पर दुपहर डेढ़ बजे उनकी स्पेशल ट्रेन पहुंची। स्टेशन पर उन्होंने ट्रैक, इलेक्ट्रिक लाइन, खंभों की ऊंचाई आदि का निरीक्षण किया। 
  पॉवर केबिन, रिले रूम का भी जायजा लिया। पैदल पार पथ पुलों का भी निरीक्षण किया। स्टेशन अधीक्षक विपिन त्यागी से फर्स्ट एड के बारे में जानकारी ली, अग्निशमन यंत्र को चला कर देखा, जो सही पाया गया। पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि निरीक्षण में कोई खामी नहीं मिली है, ट्रैक क्लियर है, सेफ्टी से संबंधित रिपोर्ट वह रविवार को उत्तर रेलवे को  सौंप देंगे। 
  निरीक्षण के दौरान उनके साथ एडीआरएम डिम्पी गर्ग, वरिष्ठ अधिकारी रेलवे सेफ्टी विपिन पाल सिंह, सीनियर डीओएम दिवाकर झा आदि विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। निरीक्षण को लेकर स्टेशन पर साफ सफाई दुरुस्त की गई थी। निरीक्षण के लिए दिल्ली से अंबाला जाने वाले पैसेंजर ट्रेन डेढ़ घंटे विलंब से यहां पहुंची।
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