संवाद न्यूज एजेंसी
मोरना (मुजफ्फरनगर)। गांव ककरौली में अरबइन मजलिस को खिताब करते हुए जौनपुर से पधारे मौलाना डॉक्टर काजिम अरुज ने कहा कि इबादत वह होती है, जो इल्म करा दें। सच्चा इंसान वह है, जो धर्म की राह पर चलना सीख देता हो। पड़ोसी से बड़ा कोई मददगार नहीं होता। शिक्षा हमें तरक्की विकास की राह दिखाती है।
डॉक्टर जिया आलम, नियाज मेहंदी के आवास पर आयोजित मजलिस में डॉक्टर काजिम अरुज ने कहा कि उन्नति हमेशा त्याग मांगती है। जो इंसान अपने बड़ों की सेवा धर्म का पालन नहीं करता, वह कभी ऊपर वाले का प्यारा नहीं हो सकता। धर्म के प्रति हमारी सजगता ही हमें मजबूत बनाती है। इबादत करने वाले कभी फरेबी नहीं हो सकते। दुनिया में आज तक आतंकवाद से कभी किसी का भला नहीं हुआ। देश और कौम पर मर मिटने वाले शहीदों का सम्मान सबसे बड़ा धर्म है। चाहे कोई भी हालात हो, इंसानियत जिंदा रहनी चाहिए। महिला और बेटियों की सुरक्षा हम सबकी जिम्मेदारी हैं। शिक्षा तरक्की का मूलभूत आधार है, इसलिए बेटा-बेटियों में शिक्षा को लेकर फर्क ना करें।
कहा कि सच्ची मेहनत हमारे कर्म व्यवहार और धर्म की पहचान कराती है। इसलिए सजगता के साथ धर्म का पालन करें। इस दौरान अली अब्बास, शरबत अब्बास, नजीर कासमी, अख्तर अब्बास, इरम अली, मुमताज चेयरमैन, परवेज हसन प्रधान, जहूर मेहंदी प्रधान, बब्बू मेहंदी आदि मजलिस में मौजूद रहे। वही
कार्यक्रम में दिल्ली, नोएडा, मेरठ, कैराना, सहारनपुर, बिजनौर अमरोहा, मुरादाबाद, नगीना, चांदपुर, जोगीपुरा आदि दूरदराज इलाकों से आए शिया समाज के हजारों लोगों ने शिरकत की।