अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। आर्य संरक्षणी सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य संजीव ने कहा कि विद्यार्थी का अर्थ होता है विद्या को चाहने वाला। विद्यार्थी को चाहिए कि योग के मार्ग पर चलकर अपने आप को स्वस्थ रखें और विद्या अध्ययन करें। ब्रह्मचर्य आश्रम में बालक और बालिकाओं के लिए शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों ही मुख्य हैं।
ग्रीनलैंड मॉडर्न जूनियर हाईस्कूल में चल रहे चरित्र निर्माण योग शिविर में उन्होंने बच्चों को समय के प्रबंधन के महत्व को समझाया। एक विद्यार्थी अपना जितना समय कार्टून या मोबाइल देखने में नष्ट करता है, उतना ही उसके जीवन में ज्ञानअर्जन करने में कमी रह जाती है, जो जीवनभर दुख का कारण बनती है।
शिविर संचालक योगाचार्य सुरेंद्र पाल सिंह आर्य ने कहा कि व्यक्ति की शोभा उसके सदगुणों से होती हैं। इस अवसर पर राज सिंह पुंडीर, कविंद्र बालियान, अंकुर मान का सहयोग रहा।