देवबंद (सहारनपुर)। उत्तर प्रदेश में मदरसा का सरकारी सर्वे होने के बाद अब दूसरे राज्यों में भी सर्वे कराए जाने की सुगबुगाहट होने लगी है। ऐसे में देश के विभिन्न राज्यों से देवबंद में राष्ट्रीय सम्मेलन में पहुंचे मदरसा संचालकों को यह संदेश दिया गया कि सर्वे से कोई दिक्कत नहीं है। जिसके चलते विभिन्न राज्यों की सरकारों के लिए सर्वे की राह आसान हो सकती है।
दारुल उलूम में रविवार को हुए कुलहिंद राब्ता-ए- मदारिस इस्लामिया के राष्ट्रीय सम्मेलन का लाभ विभिन्न राज्यों की सरकारों को मिलेगा। कारण साफ है उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने मदरसों का सर्वे कराने का फैसला लिया तो इसका खूब विरोध हुआ। आरोप लगा कि यह सरकार की मदरसों के खिलाफ साजिश है। लेकिन सर्वे के बाद उलमा के सुर बदले नजर आए। 18 अक्तूबर को दारुल उलूम की ओर से यूपी के मदरसों का सम्मेलन भी बुलाया गया। जिसमें सैकड़ों मदरसा संचालक शामिल हुए। उम्मीद थी कि इसमें सर्वे का विरोध होगा। लेकिन दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी और जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने इसका समर्थन कर सभी को चौंका दिया था। रविवार को भी मौलाना अरशद मदनी ने सम्मेलन में सरकारी सर्वे के समर्थन में बयान दिया। इतना ही नहीं मीडिया से बातचीत में भी उन्होंने साफ कहा कि यह अच्छी बात है कि मदरसों का सर्वे हो गया। इससे मदरसों का पूरा निजाम (व्यवस्था) सरकार और जिला प्रशासन के सामने आ गया है। इससे किसी को घबराने की आवश्यकता नहीं है। उनके इस बयान से साफ है कि आने वाले दिनों में यदि दूसरे राज्यों में भी मदरसों का सर्वे किया जाता है तो वहां मदरसा संचालक सरकार के सर्वे का विरोध न करके समर्थन करेंगे। संवाद